साइबर ठगी केस में CBI की बड़ी कार्रवाई, वाराणसी में केनरा बैंक की शाखा प्रबंधक गिरफ्तार

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। बुधवार को सीबीआई टीम ने दिल्ली में दर्ज साइबर ठगी के एक बड़े मामले की जांच के दौरान म्यूल अकाउंट से जुड़े प्रकरण में सीबीआई ने चितईपुर स्थित केनरा बैंक शाखा की प्रबंधक शालिनी सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने शालिनी सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच देर शाम विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रवींद्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया। कोर्ट ने सीबीआई की मांग पर 26 दिसंबर दोपहर 12 बजे तक ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली है। निर्धारित अवधि के भीतर आरोपी शाखा प्रबंधक को दिल्ली की संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा।सीबीआई नई दिल्ली ने 15 अप्रैल 2025 को साइबर ठगी के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि साइबर अपराधी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देकर लोगों को ठग रहे थे। इस नेटवर्क में कई सरकारी और निजी बैंकों के कर्मचारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई।
जांच के दौरान चितईपुर केनरा बैंक शाखा की प्रबंधक शालिनी सिंह की भूमिका सामने आने के बाद सीबीआई की टीम बैंक पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल की गई। विशेष अभियोजन अधिकारी श्याम सरोज दुबे ने रिमांड के समर्थन में अदालत में पक्ष रखा।सीबीआई ने कोर्ट में बताया कि जांच में देशभर की सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की 743 बैंक शाखाओं में लगभग 85 लाख रुपये से जुड़े फर्जी खाते सामने आए हैं। जांच में यह भी पाया गया कि खाता खोलते समय केवाईसी और अन्य आवश्यक जांच प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
संदिग्ध खातों से हुए लेनदेन के आधार पर कई खातों की गहन जांच की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए साइबर ठगों को फर्जी खाते खोलने और संचालित करने में मदद की। इन खातों के जरिए ठगी की रकम एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर की जाती थी।
सीबीआई का कहना है कि बिचौलियों की मदद से बैंकिंग प्रतिनिधियों और अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा साइबर ठगी नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, जिसकी जांच अब और तेज कर दी गई है।

