महमूरगंज में कालोनी की दीवार तोड़े जाने से लोगों में आक्रोश, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

वाराणसी (जनमुख डेस्क)। आज भोर में चार से पांच बजे के बीच जब न्यूनतम तापमान ७-८ डिग्री सेल्सियस के नीचे था, लोग कठोर ठंड के चलते रजाई और कंबलों में दुबके हुए थे, तभी दीवार तोड़ने की आवाज ने कॉलोनी के शांत माहौल को भंग किया। जिसके बाद लोग घरों से बाहर निकले तो पता चला कि कॉलोनी की दीवार को तोड़ा जा रहा है। मामला महमूरगंज के नवोदित नगर एक्सटेंशन का है जहां भूमाफियाओं ने कॉलोनी की दीवार तोड़ कर रास्ता बना लिया।
दीवार को टूटता देखकर कॉलोनी के बड़े-बुजुर्ग और महिलाएं सभी एकत्रित हो गए और उन्होंने दीवार तोड़ जाने का सख्त विरोध करते हुए 112 नंबर पर पुलिस को कॉल लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल दीवार तोड़ने पर रोक लगायी और मामले की सूचना भेलूपुर थाने को दी। जिस पर मौके पर पहुंची थाने की पुलिस ने भूमाफियाओं से बातचीत के बाद कोर्ट के आदेश का हवाला देकर दीवार तोड़े जाने के जायज ठहराया।

उधर कॉलोनीवासियों का कहना है कि भूमाफिया लंबे समय से कॉलोनी की दीवार तोड़कर रास्ते बनाने की जुगत लगा रहे थे और उन्होंने कोर्ट से गलत नक्शे के आधार पर एक पक्षीय मार्ग बनाने का आदेश जारी करा लिया। जबकि कॉलोनी के नक्शे में उक्त भूमि का रास्ता दूसरी तरफ से है। कॉलोनी की तरफ से कोई रास्ता नहीं है और दीवार तोड़ने के लिए आए भूमाफिया के लोगों ने दीवार तोड़ने के अतिरिक्त विरोध कर रही कॉलोनी की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया। कॉलोनीवासियों का कहना है कि पुलिस ने उनके नक्शे और उनकी बातों को पूरी तरह नजरअंदाज किया। यहां तक कि कॉलोनी के लोगों ने पुलिस के माफिया के लोगों से मिले होने का भी आरोप लगाया।
इस सन्दर्भ में ‘जनमुख’ द्वारा भेलूपुरा थाना प्रभारी से बात किए जाने पर उन्होंने उक्त घटना को सिर्फ कोर्ट के आदेश को तामिल कराए जाने की बात कहीं। यह पूछे जाने पर कि यदि कोर्ट का आदेश था तो भोर में दीवार तोड़ने की प्रक्रिया क्यों अपनायी गयी’। इस पर थानाप्रभारी कोई माकूल जवाब नहीं दे सके। उल्लेखनीय है कि भेलूपुरा थाना पहले भी तरह-तरह के आरोपों और विवादों में रहा है।
आज की घटना के बाद से नवोदित नगर एक्सटेंशन कॉलोनी के लोगों में आक्रोश है। वहीं कुछ आक्रोशित लोगों ने कॉलोनी से अपना मकान बेचकर चले जाने की बात भी कहीं और कहाकि वे पुलिस, भूमाफियों और भाजपा नेताओं के गठजोड़ के आगे बेबस हैं।


