सारनाथ हत्याकांड का इनामी शूटर फौजी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। सारनाथ में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस वारदात के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी शूटर अरविंद यादव उर्फ फौजी उर्फ कल्लू यादव को पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने शनिवार देर रात मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ थाना क्षेत्र के सराय मोहना इलाके में हुई, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है। घायल फौजी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस कार्रवाई के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी का एक साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी के पास से दो अवैध असलहे और कारतूस बरामद किए गए हैं। अरविंद यादव गाजीपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के सिमराफैज गांव का रहने वाला है।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी और क्राइम ब्रांच प्रभारी गौरव सिंह की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी सराय मोहना क्षेत्र से फरार होने की तैयारी में है। घेराबंदी के दौरान पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से आरोपी घायल होकर गिर पड़ा, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ में अरविंद यादव ने खुलासा किया कि पहले से गिरफ्तार बिहार के मुंगेर निवासी मोहम्मद मुकीम ने उसे अवैध असलहा उपलब्ध कराया था। इस हत्याकांड में गाजीपुर करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट निवासी बनारसी यादव भी उसके साथ शामिल था।
गौरतलब है कि 21 अगस्त 2025 की सुबह शूटरों को चंदन शुक्ला ने महेंद्र गौतम की रेकी कर लोकेशन दी थी। इसके बाद घर से कार्यालय जाते समय बाइक सवार महेंद्र गौतम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में मुंबई के प्रॉपर्टी डीलर और गाजीपुर निवासी योगेंद्र यादव उर्फ फैंटू, सारनाथ के सिंहपुर निवासी सम्पूर्णानंद शुक्ला उर्फ चंदन, श्याम राजभर उर्फ रेखा प्रधान और असलहा तस्कर मोहम्मद मुकीम को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार, हत्या की सुपारी योगेंद्र यादव उर्फ फैंटू ने दी थी।
हत्या के बाद शूटर पुलिस को चकमा देने के लिए हरहुआ, बड़ागांव और जौनपुर होते हुए वापस गाजीपुर लौट गए थे। एआई तकनीक की मदद से शूटरों की पहचान की गई। जिस बाइक से हत्या की गई थी, वह गाजीपुर में हुई पांच लाख रुपये की लूट में भी इस्तेमाल की गई थी।
पुलिस के अनुसार, योगेंद्र यादव उर्फ फैंटू का मुंबई में भी प्रॉपर्टी का कारोबार था। कोविड काल के दौरान वह मुंबई से लौटकर सारनाथ में ही रहने लगा था।

