गंदे नाखून बन सकते हैं दुर्भाग्य की वजह? जानिए ज्योतिष में नाखूनों का ग्रहों से गहरा संबंध

ज्योतिष और सामुद्रिक शास्त्र में व्यक्ति की बाहरी आदतों और शारीरिक संकेतों को उसके स्वभाव, मानसिक स्थिति और ग्रहों की दशा से जोड़कर देखा जाता है। नाखून केवल स्वच्छता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे यह भी बताते हैं कि व्यक्ति के जीवन में ऊर्जा, अनुशासन और मानसिक संतुलन किस स्तर पर है।

इसे भी पढ़े-
गणेश चतुर्थी 2024: विशेषता और महत्व
Ganesh Chaturthi 2024

गणेश चतुर्थी का पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय स्थान रखता है। यह पर्व भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता Read more

पर्यावरण के महान संरक्षक और सम्मानक थे ‘बाबा नानक’

जनमुख : धर्म-कर्म।  गुरूनानक देव जी ने केवल भारत देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपने ज्ञान प्रकाश द्वारा Read more

जब लालची आदमी ने नहीं पिलाया गुरु नानक देव जी को पानी

जनमुख न्यूज। गुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ यात्रा किया करते थे एक बार गांव के तरफ से Read more

मान्यताएं व परम्परा का वैशिष्टय स्वरूप है ‘देव दीपावली उत्सव’

जनमुख,न्यूज। निर्णय सिधु एवं स्मृति कौस्तुभी में उल्लेखित ‘देव दीपावली पुरातन काल से पौराणिक मान्यताएं एवं कथाओं पर प्रचलित है। Read more

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार गंदे, टूटे या उपेक्षित नाखून जीवन में नकारात्मक ग्रह ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं। इसका सीधा असर करियर, आर्थिक स्थिति, निर्णय लेने की क्षमता और मानसिक शांति पर पड़ता है।

इसे भी पढ़े-
गणेश चतुर्थी 2024: विशेषता और महत्व
Ganesh Chaturthi 2024

गणेश चतुर्थी का पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय स्थान रखता है। यह पर्व भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता Read more

पर्यावरण के महान संरक्षक और सम्मानक थे ‘बाबा नानक’

जनमुख : धर्म-कर्म।  गुरूनानक देव जी ने केवल भारत देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपने ज्ञान प्रकाश द्वारा Read more

जब लालची आदमी ने नहीं पिलाया गुरु नानक देव जी को पानी

जनमुख न्यूज। गुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ यात्रा किया करते थे एक बार गांव के तरफ से Read more

मान्यताएं व परम्परा का वैशिष्टय स्वरूप है ‘देव दीपावली उत्सव’

जनमुख,न्यूज। निर्णय सिधु एवं स्मृति कौस्तुभी में उल्लेखित ‘देव दीपावली पुरातन काल से पौराणिक मान्यताएं एवं कथाओं पर प्रचलित है। Read more

गंदे नाखून क्यों माने जाते हैं अशुभ संकेत?

इसे भी पढ़े-
गणेश चतुर्थी 2024: विशेषता और महत्व
Ganesh Chaturthi 2024

गणेश चतुर्थी का पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय स्थान रखता है। यह पर्व भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता Read more

पर्यावरण के महान संरक्षक और सम्मानक थे ‘बाबा नानक’

जनमुख : धर्म-कर्म।  गुरूनानक देव जी ने केवल भारत देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपने ज्ञान प्रकाश द्वारा Read more

जब लालची आदमी ने नहीं पिलाया गुरु नानक देव जी को पानी

जनमुख न्यूज। गुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ यात्रा किया करते थे एक बार गांव के तरफ से Read more

मान्यताएं व परम्परा का वैशिष्टय स्वरूप है ‘देव दीपावली उत्सव’

जनमुख,न्यूज। निर्णय सिधु एवं स्मृति कौस्तुभी में उल्लेखित ‘देव दीपावली पुरातन काल से पौराणिक मान्यताएं एवं कथाओं पर प्रचलित है। Read more

ज्योतिष में गंदे नाखून अव्यवस्था, लापरवाही और नकारात्मक सोच का प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे व्यक्ति कई बार सही अवसरों को पहचान नहीं पाते और महत्वपूर्ण फैसलों में भ्रम का शिकार हो जाते हैं। बार-बार काम का बिगड़ जाना, मेहनत के बावजूद अपेक्षित सफलता न मिलना, आत्मविश्वास में कमी और मानसिक तनाव—ये सभी संकेत नकारात्मक ऊर्जा की ओर इशारा करते हैं।

इसे भी पढ़े-
गणेश चतुर्थी 2024: विशेषता और महत्व
Ganesh Chaturthi 2024

गणेश चतुर्थी का पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय स्थान रखता है। यह पर्व भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता Read more

पर्यावरण के महान संरक्षक और सम्मानक थे ‘बाबा नानक’

जनमुख : धर्म-कर्म।  गुरूनानक देव जी ने केवल भारत देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपने ज्ञान प्रकाश द्वारा Read more

जब लालची आदमी ने नहीं पिलाया गुरु नानक देव जी को पानी

जनमुख न्यूज। गुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ यात्रा किया करते थे एक बार गांव के तरफ से Read more

मान्यताएं व परम्परा का वैशिष्टय स्वरूप है ‘देव दीपावली उत्सव’

जनमुख,न्यूज। निर्णय सिधु एवं स्मृति कौस्तुभी में उल्लेखित ‘देव दीपावली पुरातन काल से पौराणिक मान्यताएं एवं कथाओं पर प्रचलित है। Read more

राहु और नाखूनों का संबंध

ज्योतिष में राहु को भ्रम, अचानक बाधाओं और अस्थिरता का कारक माना गया है। मान्यता है कि नाखूनों में जमी गंदगी राहु के प्रभाव को और बढ़ा देती है। इसके चलते व्यक्ति गलत निर्णय लेने लगता है, बने-बनाए काम अटक जाते हैं और निराशा बढ़ती है।

शनि दोष और करियर पर असर

नाखूनों का सीधा संबंध शनि ग्रह से भी जोड़ा जाता है। गंदे, टूटे या असंयमित नाखून शनि दोष को प्रबल कर सकते हैं। इसका असर विशेष रूप से नौकरी, व्यवसाय और आर्थिक स्थिति पर दिखता है। आय में रुकावट, खर्चों में वृद्धि और लगातार मेहनत के बावजूद स्थिरता न मिलना—इन्हें शनि के अशुभ प्रभाव के संकेत माना जाता है।

केतु और मानसिक असंतुलन

मेडिकल ज्योतिष के अनुसार नाखून और बाल केतु ग्रह से जुड़े होते हैं। गंदे नाखून मानसिक बेचैनी, भ्रम और असंतुलन को बढ़ा सकते हैं। वहीं नाखून चबाने की आदत को मंगल और केतु की कमजोरी का संकेत माना जाता है, जिससे गुस्सा, चिड़चिड़ापन, थकान और अधैर्य बढ़ सकता है।

नाखूनों की सही देखभाल से ग्रह कैसे होते हैं अनुकूल?ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार नाखूनों को साफ, संतुलित और व्यवस्थित रखना शुक्र ग्रह को मजबूत करता है, जो सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य का कारक है।

-बुधवार और शुक्रवार को नाखून काटना शुभ माना जाता है।

– शनिवार को नाखून काटने से बचना चाहिए।

नियमित सफाई से राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं।

गंदे नाखून केवल एक खराब आदत नहीं, बल्कि ज्योतिष के अनुसार यह ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला संकेत भी हो सकता है। यदि आप जीवन में सफलता, स्थिरता और सकारात्मकता चाहते हैं, तो नाखूनों की स्वच्छता और देखभाल को अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा जरूर बनाएं।

Spread the love

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *