बजट 2026-27: स्वास्थ्य, महिला उद्यमिता और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव, सस्ती होंगी जीवनरक्षक दवाएं

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। सरकार ने संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए मौजूदा संस्थानों के उन्नयन और निजी व सरकारी क्षेत्र में नए संस्थान स्थापित करने का ऐलान किया है। इस पहल के तहत अगले पांच वर्षों में ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी तकनीक, अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान और व्यवहारिक स्वास्थ्य सहित 10 विषयों में एक लाख स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि वृद्धावस्था चिकित्सा और देखभाल सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक समग्र देखभाल प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके तहत एनएसक्यूएफ के अनुरूप बहु-कुशल देखभालकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम शुरू होंगे। आने वाले एक साल में 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
भारत को मेडिकल टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए सरकार निजी क्षेत्र के साथ मिलकर देशभर में पांच क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने में राज्यों की मदद करेगी। ये केंद्र चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं से युक्त एकीकृत स्वास्थ्य परिसर के रूप में काम करेंगे, जिनमें आयुष केंद्र, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल सुविधा, निदान, पोस्ट-केयर और पुनर्वास की व्यवस्था होगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम को और विस्तार देने और ‘शी मार्ट्स’ लॉन्च करने की घोषणा की है। ये समुदाय-स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट होंगे, जिनका संचालन स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमी करेंगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को बड़े बाजारों तक पहुंच दिलाना, उनके ब्रांड विकसित करना और स्थायी आय के स्रोत तैयार करना है। इसके लिए उन्नत और नवोन्मेषी वित्तपोषण साधनों का भी सहारा लिया जाएगा।
बजट में आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने 17 कैंसर की दवाओं और सात दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटाने का ऐलान किया है। इसके अलावा विदेश यात्रा पैकेज पर टीसीएस की दर घटाकर 2% कर दी गई है। माइक्रोवेव ओवन के कुछ पुर्जों, एयरक्राफ्ट पार्ट्स और चमड़ा उद्योग से जुड़े कच्चे माल पर शुल्क में कटौती से ये उत्पाद सस्ते होने की उम्मीद है। हालांकि, घड़ियों और शराब जैसे लग्जरी सामान महंगे होंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का जोर बरकरार है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इसके साथ ही सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर—मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलुरु—की घोषणा की गई है, जिससे कनेक्टिविटी और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ अपनी रफ्तार बनाए रखेगी और सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ किसानों, युवाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति और वंचित वर्गों तक पहुंचे। बजट में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए वित्तीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.3% तय किया गया है।

