यूजीसी नियमों और शंकराचार्य प्रकरण पर सरकार पर हमलावर हुए अलंकार अग्निहोत्री, आंदोलन की चेतावनी

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े घटनाक्रम को लेकर सरकार की आलोचना के बाद इस्तीफा देने वाले बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने रविवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।
अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना के बाद उनकी उनसे बातचीत हुई थी। स्वामी जी ने उन्हें प्रयागराज आमंत्रित किया था, लेकिन उससे पहले ही वे वाराणसी पहुंच गए, जहां यह मुलाकात हुई।
आगे की रणनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वर्ष 1989 में लागू किया गया एससी-एसटी कानून देश का सबसे काला कानून साबित हुआ है और अब यूजीसी के नए नियमों ने सरकार की नीतियों की पोल खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश है और उसका कोर वोटर भी उससे अलग हो चुका है।
अलंकार ने कहा कि एससी-एसटी कानून से देश की बड़ी आबादी प्रभावित होती है और अधिकांश मामले फर्जी होते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार 6 फरवरी 2026 तक इस कानून को वापस नहीं लेती है, तो 7 फरवरी को एक बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत दिल्ली कूच किया जाएगा और देशभर के लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की जाएगी।
यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यह नियम एक खतरनाक मानसिकता का परिणाम है, जिसके जरिए ओबीसी और सामान्य वर्ग के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे समाज को बांटने वाला कदम बताया।
उन्होंने दावा किया कि जनता अब सरकार की मंशा को समझ चुकी है और पहली बार ऐसा हुआ है जब लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। उनके अनुसार, यह स्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार की नीतियों को लेकर व्यापक असंतोष पैदा हो चुका है।

