भारत अंडर-19 विश्व चैंपियन: इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठा खिताब, वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास


हरारे, स्पोर्ट्स न्यूज़। जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए अंडर-19 विश्व कप फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर रिकॉर्ड छठी बार खिताब अपने नाम कर लिया। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में टीम इंडिया पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही और फाइनल में भी दमदार प्रदर्शन किया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भले ही खराब रही, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने ऐतिहासिक पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। वैभव ने महज 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। उन्होंने 32 गेंद में अर्धशतक, 55 गेंद में शतक और 71 गेंद में 150 रन पूरे कर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी 51 गेंदों में 53 रन की तेज पारी खेली। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 142 रन की शानदार साझेदारी हुई।
वैभव के आउट होने के बाद भारत की पारी कुछ देर लड़खड़ाई, लेकिन निचले क्रम में अभिज्ञान कुंडू (40), कनिष्क चौहान (नाबाद 37), विहान मल्होत्रा और वेदांत त्रिवेदी के योगदान से भारत ने 50 ओवर में 411/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह अंडर-19 विश्व कप और फाइनल इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है।
412 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत भी खराब रही। हालांकि बेन डॉकिंस (66) और बेन मायेस (45) ने कुछ देर संघर्ष किया। इसके बाद कैलेब फाल्कनर ने 67 गेंदों में 115 रन की शानदार शतकीय पारी खेलकर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। पूरी इंग्लिश टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई।
भारत की ओर से आरएस अंबरीश ने तीन विकेट झटके, जबकि दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान को दो-दो सफलता मिली। इस जीत के साथ भारत ने 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 के बाद छठी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।
गौरतलब है कि 100 रन से जीत अंडर-19 विश्व कप फाइनल में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। साथ ही भारत इस टूर्नामेंट में 400 से अधिक रन बनाने वाली एकमात्र टीम बन गई है, जिसने यह कारनामा तीन बार किया है। वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

