संसद से पास हुआ ‘जन विश्वास विधेयक 2026’: छोटे अपराध अब नहीं होंगे क्राइम, कारोबार को बड़ी राहत

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। देश में छोटे-मोटे अपराधों को आपराधिक दायरे से बाहर करने के उद्देश्य से लाया गया ‘जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026’ संसद से पारित हो गया है। Rajya Sabha ने गुरुवार को इसे ध्वनिमत से मंजूरी दी, जबकि इससे एक दिन पहले Lok Sabha भी इसे पास कर चुकी थी। अब गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही यह कानून बन जाएगा।
79 कानूनों में बदलाव, 784 प्रावधानों में संशोधन
केंद्र सरकार के इस बड़े कदम के तहत 19 मंत्रालयों से जुड़े 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है। इसका मकसद ‘Ease of Doing Business’ और ‘Ease of Living’ को बढ़ावा देना है, ताकि आम नागरिकों और छोटे कारोबारियों को राहत मिल सके।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने संसद में कहा कि विकसित भारत का सपना दंड और भय से नहीं, बल्कि विश्वास के आधार पर साकार होगा। उन्होंने बताया कि अब छोटी गलतियों पर सीधे सजा नहीं, बल्कि चरणबद्ध कार्रवाई होगी—
पहली गलती: चेतावनी
दूसरी बार: जुर्माना
बार-बार गंभीर उल्लंघन: कानूनी कार्रवाई
57 प्रावधानों से जेल की सजा खत्म
इस विधेयक के तहत:
-57 प्रावधानों में कारावास खत्म
-158 प्रावधानों में जुर्माना हटाया गया
-करीब 1000 छोटे अपराधों को डिक्रिमिनलाइज किया जाएगा
नकली दवाओं पर सख्ती बरकरार
सरकार ने साफ किया है कि Drugs and Cosmetics Act 1940 के तहत नकली दवाओं के निर्माण, बिक्री या भंडारण जैसे गंभीर अपराधों पर सख्त सजा जारी रहेगी।राहत केवल तकनीकी और प्रक्रियात्मक गलतियों—जैसे लेबलिंग की छोटी चूक—में दी गई है।
इन प्रमुख कानूनों में भी बदलाव
इस विधेयक के जरिए कई अहम कानूनों में संशोधन प्रस्तावित हैं, जैसे—
Reserve Bank of India Act 1934
बीमा अधिनियमपेटेंट अधिनियम
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006
रेलवे और विद्युत अधिनियम
स्टार्टअप और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का कहना है कि पहले जहां देश में करीब 500 स्टार्टअप थे, अब उनकी संख्या 3 लाख से ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में छोटे नियम उल्लंघनों पर सजा के बजाय सुधार का मौका देना जरूरी है, ताकि उद्यमिता को बढ़ावा मिले।
सरकार का मकसद
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य:
छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाना
कानून को सरल और पारदर्शी बनाना
नागरिकों और सरकार के बीच भरोसा बढ़ाना

