कोरोना का नया ‘सिकाडा’ वैरिएंट अलर्ट: 23 देशों में फैलाव, क्या लौटेगी नई लहर?

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। दुनिया को 2020-23 के दौरान थाम देने वाला COVID-19 अब एक नए वैरिएंट के साथ फिर चर्चा में है। BA.3.2 नाम के इस नए स्ट्रेन को वैज्ञानिकों ने ‘सिकाडा’ नाम दिया है, जो शुरुआती अध्ययनों में तेजी से फैलने वाला और इम्युनिटी को चकमा देने में सक्षम बताया जा रहा है।
23 देशों तक पहुंचा नया वैरिएंट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वैरिएंट United Kingdom समेत 23 देशों में फैल चुका है। हालांकि अभी तक संक्रमितों की सटीक संख्या सामने नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञ इसे लेकर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
क्या है खतरा?
यह वैरिएंट पहले से संक्रमित या वैक्सीनेटेड लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। स्पाइक प्रोटीन में करीब 75 म्यूटेशन पाए गए हैं।तेजी से फैलने की क्षमता, खासकर बच्चों में चिंता का विषय है।
लक्षण वही, लेकिन सतर्कता जरूरी
फिलहाल इसके लक्षण पुराने कोरोना जैसे ही हैं:
-बुखार
-थकान
-बदन
-दर्द
-गले में खराश
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों को इससे अधिक खतरा हो सकता है, इसलिए विशेष सतर्कता जरूरी है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
Stephen Griffin (लीड्स यूनिवर्सिटी) के अनुसार,बच्चों के वैक्सीनेशन को वैकल्पिक रखने की नीति अब चिंता का कारण बन सकती है। वहीं Paul Hunter का कहना है कि नया वैरिएंट तेजी से फैल सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गंभीर बीमारी या मौतें बढ़ेंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को बूस्टर डोज लेने की जरूरत है। बच्चों के वैक्सीनेशन पर फिर जोर देने की मांग उठ रही है। हाल ही में वैक्सीनेशन कराने वालों को बेहतर सुरक्षा मिलती है।
फिलहाल संकेत यह नहीं देते कि यह वैरिएंट तुरंत बड़ी लहर लाएगा, लेकिन ज्यादा संक्रमण, ज्यादा म्यूटेशन का खतरा हो सकते हैं। वहीं भविष्य में नया और खतरनाक स्ट्रेन बनने की आशंका भी है।
‘सिकाडा’ वैरिएंट फिलहाल अलर्ट का संकेत जरूर दे रहा है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सतर्कता, वैक्सीनेशन और बेसिक सावधानियां (मास्क, हाइजीन) ही इससे बचाव का सबसे बड़ा तरीका हैं।

