लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर कांग्रेस की श्रद्धांजलि सभा, प्रतिमा पर माल्यार्पण से रोके जाने पर जताया विरोध

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को मैदागिन स्थित राजीव भवन में महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर लोकमाता को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने अहिल्याबाई होलकर के जीवन, न्यायप्रिय शासन, प्रशासनिक दक्षता तथा भारतीय संस्कृति और धार्मिक विरासत के संरक्षण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। विशेष रूप से काशी के प्रति उनके समर्पण, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण, घाटों, मंदिरों, धर्मशालाओं और जनोपयोगी संरचनाओं के निर्माण एवं संरक्षण में उनकी भूमिका को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकमाता ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म, संस्कृति और लोककल्याण की अनूठी मिसाल पेश की थी।
कार्यक्रम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रवींद्रपुरी स्थित पुरातत्व विभाग परिसर में रखी गई अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पूजन-अर्चन के लिए रवाना होने वाले थे। यह प्रतिमा मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास कार्य के दौरान वहां से हटाकर पुरातत्व विभाग परिसर में स्थापित की गई थी। हालांकि कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया।
इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यालय परिसर में ही लोकमाता को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही माल्यार्पण और पूजन के लिए लाई गई पुष्पमालाएं एवं पूजन सामग्री एसीपी कोतवाली को सौंपते हुए आग्रह किया कि प्रशासन की ओर से प्रतिमा स्थल पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की जाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने की। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की महान विभूतियों में से एक हैं, जिनका काशी के विकास और संरक्षण में योगदान अतुलनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास के नाम पर काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाया गया है तथा लोकमाता की प्रतिमा को भी उसके मूल स्थान से हटाना पड़ा।
राघवेंद्र चौबे ने प्रशासन द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम को रोके जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण कार्यक्रम पर रोक लगाना जनभावनाओं का अनादर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महापुरुषों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए आगे भी संघर्ष करती रहेगी।
इस अवसर पर प्रवीन प्रकाश, सतनाम सिंह, सुनील श्रीवास्तव, राजू राम, गिरीश पांडेय, वकील अंसारी, चंचल शर्मा, अशोक सिंह, संतोष चौरसिया, हसन मेहदी कब्बन, राजेश त्रिपाठी, अखिलेश पांडेय, आशीष केशरी, राजेश प्रजापति, मिथुन सरकार, अफसर खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

