जीएसटी अधिकारियों ने व्यापारियों से किया संवाद, समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। चांदपुर इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार को राज्य कर (जीएसटी) विभाग की ओर से व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। एक जून से 10 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में व्यापारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से व्यापारी 2.0 पोर्टल, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया और व्यापारियों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने व्यापारियों को नई प्रक्रियाओं और नियमों की जानकारी देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
संवाद कार्यक्रम में उपायुक्त खंड-9 चंद्रभूषण डूंगरा कोटी, सहायक आयुक्त सत्येंद्र कुमार, डॉ. मृत्युंजय सिंह, अभिषेक दुबे, राज्य कर अधिकारी रामतीर्थ और संदीप कुमार सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। वहीं चांदपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष घनश्याम जैन समेत बड़ी संख्या में व्यापारी भी शामिल हुए।व्यापार मंडल के महामंत्री अनिल यादव ने सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित दुकानदारों की जीएसटी संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया। इस पर उपायुक्त डूंगरा कोटी ने बताया कि जिन व्यापारियों की दुकानें चौड़ीकरण की जद में आकर प्रभावित हुई हैं, वे इसकी सूचना विभाग को दें। जांच के बाद विभाग ऐसे मामलों में शून्य (Nil) जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की सुविधा उपलब्ध करा सकता है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष घनश्याम जैन ने पशुआहार जैसी जीएसटी मुक्त वस्तुओं के परिवहन पर लगने वाले 5 प्रतिशत जीएसटी को भी समाप्त करने की मांग रखी। वहीं व्यापारी केशव यादव ने बताया कि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंजीकृत दुकान से पंजीकृत गोदाम तक डिलीवरी चालान के आधार पर माल भेजा जा सकता है और निर्धारित शर्तों के तहत 50 किलोमीटर तक की दूरी पर कुछ मामलों में अतिरिक्त कर संबंधी जटिलताएं नहीं होंगी।
अधिकारियों ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग प्रतिबद्ध है और जीएसटी प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
व्यापारियों ने संवाद कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने और समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की मांग भी की।कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों को जीएसटी नियमों, प्रक्रियाओं और डिजिटल सुविधाओं के प्रति जागरूक बनाना तथा विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।

