शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित होंगी मीट-मांस व मछली की दुकाने

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। काशी में अब शहर के भीतर हर गली-मोहल्लों में मीट-मांस और मछली की बिक्री का दौर जल्द ही अतीत की बात हो जाएगी। नगर निगम ने शहर को व्यवस्थित और स्वच्छ रखने की दिशा में एक बड़ा और साहसिक निर्णय लिया है। इसके तहत अब मीट-मांस व मछली की सभी दुकानें शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित की जाएंगी। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में शनिवार को मैदागिन स्थित टाउनहाल भवन में आयोजित सदन की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए रूपरेखा स्पष्ट कर दी गई।
बैठक में शहर के चतुर्दिक विकास, अतिक्रमण और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें मीट-मछली के बाजारों को शहर के बाहरी छोर पर व्यवस्थित करने का निर्णय सबसे प्रमुख रहा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में पांच स्थानों का चयन किया जा चुका है। ये सभी स्थान शहर की बाहरी सीमाओं के करीब स्थित हैं, जिससे आम जनता को कोई असुविधा न हो।
आगामी दिनों में शहर के भीतर संचालित मीट-मछली की दुकानों को रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। सदन में पार्षद गुलशन अली ने यह मामला उठाते हुए कहा कि करीब एक वर्ष पूर्व मीट-मांस और मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन उस पर अब तक प्रभावी अमल नहीं हो सका है। उन्होंने व्यवसायियों की पीड़ा को साझा करते हुए कहा कि सावन माह में शहर की सभी दुकानें बंद करने के आदेश से मीट व्यवसायियों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित होता है।
इस पर नगर आयुक्त ने आश्वस्त किया कि शहर की बाहरी सीमा में जगह चिह्नित कर ली गई है और जल्द ही इस प्रस्ताव को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।सदन की बैठक में भाजपा पार्षद दल के उपनेता सुरेश कुमार चौरसिया ने जलकल परिसर में सेटलिंग टैंक की सफाई के दौरान निकाली गई करीब 40 हजार घन मीटर मिट्टी की बिक्री अब तक न हो पाने पर गहरी चिंता जताई। इस पर महापौर ने जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह को तुरंत निर्देश दिए कि उक्त मिट्टी की नीलामी की प्रक्रिया अविलंब शुरू कराई जाए ताकि निगम के राजस्व में वृद्धि हो सके। साथ ही, उन्होंने सीएम ग्रिड्स योजना के तहत चल रहे छह प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्य को अनुबंध की शर्तों के अनुरूप ही पूरा करने का सख्त आदेश दिया। वहीं, अशोक कुमार मौर्य ने शहर में स्थित अवशेष मल्टी स्टोरी बिल्डिंग और फ्लैट्स को गृहकर के दायरे में लाने का सुझाव दिया ताकि निगम की आय बढ़ सके।काशी की धरोहर और संपत्तियों के संरक्षण को लेकर भी सदन गंभीर नजर आया।
भेलूपुर में बनने वाले काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर और कम्युनिटी पार्क के संबंध में नगर आयुक्त ने सदन को विश्वास दिलाया कि वहां मौजूद जलकल के पुराने भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं जलकल के सेटलिंग टैंक, पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन या किसी अन्य तकनीकी प्रणाली से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। यह पार्क सोलर पैनल वाले खाली स्थान पर विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, शिवपुर में फुटकर फल मंडी विकसित करने का भी प्रस्ताव है, जिसमें फल व्यवसायियों के लिए करीब 500 दुकानें प्रस्तावित की गई हैं। पार्षद सिंधु सोनकर ने ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के पौराणिक तालाब को भू-माफिया द्वारा पाटकर अवैध निर्माण करने का गंभीर मुद्दा उठाया और निगम द्वारा जारी किए गए नोटिस पर भी आपत्ति दर्ज कराई।
सदन में जनसुविधाओं और जवाबदेही का मुद्दा भी छाया रहा। सपा पार्षद अमर देव यादव ने वार्डवार लेबर और मिस्त्री की सूची अब तक उपलब्ध न कराए जाने का प्रकरण उठाया। उन्होंने कहा कि दो साल पहले हर वार्ड में दो लेबर व एक मिस्त्री की तैनाती हुई थी, लेकिन पार्षदों को आज तक सूची नहीं मिली। इस पर नगर आयुक्त ने तीन दिनों के भीतर संबंधित सूची पार्षदों को मुहैया कराने का भरोसा दिया। वहीं, पार्षद मदन मोहन दुबे ने ट्रांस-वरूणा जोन में घर-घर पानी का कनेक्शन न होने की समस्या उठाई, जिस पर महापौर ने जलनिगम से जवाब-तलब किया।
बैठक के दौरान पार्षद बृजेश चंद्र श्रीवास्तव ने बंजर व नजूल की जमीनों पर अवैध कब्जे और पट्टा अवधि समाप्त हो चुकी जमीनों को खाली कराने की मांग की। सदन में पार्षद इन्द्रेश कुमार ने घुघरानी गली की जांच रिपोर्ट, पार्षद राजकुमार चौधरी ने कुओं की सफाई और पार्षद सीमा वर्मा ने शौचालय बनवाने जैसे जनहित के मुद्दे भी प्रमुखता से रखे।

