योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ को मंजूरी, 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर

लखनऊ, जनमुख न्यूज़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में छात्राओं के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’, नए एक्सप्रेसवे, इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, महिला छात्रावास निर्माण और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने महिला सशक्तीकरण और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ के दिशा-निर्देशों को मंजूरी दे दी। योजना के तहत उत्तर प्रदेश की मूल निवासी उन छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी, जिन्होंने राज्य के विश्वविद्यालयों या उनसे संबद्ध महाविद्यालयों से स्नातक की पढ़ाई पूरी की हो। पात्र छात्राओं का चयन मेरिट के आधार पर स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं की टॉप 5 प्रतिशत सूची से किया जाएगा।
योजना का लाभ उन छात्राओं को मिलेगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये तक है। हालांकि दिव्यांग छात्राओं, शहीदों के परिवारों और निराश्रित परिवारों की बेटियों पर आय सीमा लागू नहीं होगी। सरकार स्कूटी के साथ रजिस्ट्रेशन, बीमा, आईएसआई हेलमेट, आवश्यक एक्सेसरीज और चार लीटर पेट्रोल भी उपलब्ध कराएगी। स्कूटियों की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि योजना का उद्देश्य छात्राओं की ड्रॉपआउट दर कम करना, उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाना और सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का तीसरा सत्र 3 अगस्त 2026 से बुलाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
बैठक में 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इस योजना पर 425.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें 400 करोड़ रुपये राज्य सरकार और 25.50 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) वहन करेगा।
महिला सशक्तीकरण के तहत वाराणसी में 500 क्षमता वाले श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण के लिए 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। छात्रावास का निर्माण राज्य सरकार के पूर्ण वित्तीय सहयोग से कराया जाएगा।
इसके अलावा राज्य के पुराने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा संवर्धन शोधपीठ’ स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। साथ ही उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के संचालन को गति देने के लिए 20 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी।

