NSA के तहत हिरासत रद्द करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- यूपी को ‘ऑरवेलियन डिस्टोपिया’ बनने से रोकना होगा

प्रयागराज, जनमुख न्यूज़। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़े मामले में 25 वर्षीय दिल्ली विश्वविद्यालय की स्नातक आकृति चौधरी पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत आदेश को रद्द करते हुए राज्य सरकार, पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की पीठ ने 2 सितंबर को हिरासत आदेश निरस्त किया। अदालत ने कहा कि यदि अधिकारियों की शक्तियों का मनमाना इस्तेमाल नहीं रोका गया तो उत्तर प्रदेश एक ‘ऑरवेलियन डिस्टोपिया’ में बदल सकता है।

इसे भी पढ़े-
सड़क दुर्घटना में कनिष्ठ अभियंता की मौत

सुलतानपुर, जनमुख न्यूज। जिले में मोटरसाइकिल सवार एक कनिष्ठ अभियंता की हलियापुर-बेलवाई मार्ग पर एक वाहन से टक्कर लगने से Read more

आज वाराणसी आएंगे मुख्यमंत्री योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को वाराणसी आएंगे। वे वाराणसी में कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे तो Read more

महिला डॉक्टर की हत्या के केस को लेकर देशभर में चिकित्सको की हड़ताल

नई दिल्ली, जनमुख डेस्क। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की Read more

अमौसी एयरपोर्ट पर रेडियो एक्टिव एलिमेंट लीक होने से हड़कंप

लखनऊ, जनमुख डेस्क। अमौसी एयरपोर्ट से गुवाहाटी जाने वाली उड़ान से कैंसररोधी दवाओं के कंटेनर को भेजा जाना था। एयरपोर्ट Read more

DM का आदेश ‘उपहास के योग्य’ बताया

इसे भी पढ़े-
सड़क दुर्घटना में कनिष्ठ अभियंता की मौत

सुलतानपुर, जनमुख न्यूज। जिले में मोटरसाइकिल सवार एक कनिष्ठ अभियंता की हलियापुर-बेलवाई मार्ग पर एक वाहन से टक्कर लगने से Read more

आज वाराणसी आएंगे मुख्यमंत्री योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को वाराणसी आएंगे। वे वाराणसी में कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे तो Read more

महिला डॉक्टर की हत्या के केस को लेकर देशभर में चिकित्सको की हड़ताल

नई दिल्ली, जनमुख डेस्क। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की Read more

अमौसी एयरपोर्ट पर रेडियो एक्टिव एलिमेंट लीक होने से हड़कंप

लखनऊ, जनमुख डेस्क। अमौसी एयरपोर्ट से गुवाहाटी जाने वाली उड़ान से कैंसररोधी दवाओं के कंटेनर को भेजा जाना था। एयरपोर्ट Read more

15 पन्नों के फैसले में अदालत ने गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी द्वारा पारित हिरासत आदेश के तरीके पर तीखी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि पुलिस रिपोर्ट में आकृति चौधरी के खिलाफ केवल आरोप थे और उनके समर्थन में कोई विश्वसनीय सामग्री नहीं थी। ऐसे में जिलाधिकारी को रिकॉर्ड की गहराई से जांच करनी चाहिए थी और यह देखना चाहिए था कि NSA जैसे कठोर कानून का इस्तेमाल वास्तव में जरूरी था या नहीं।अदालत ने जिलाधिकारी के आचरण को “उपहास के योग्य” बताते हुए कहा कि एक ऐसी महिला छात्र कार्यकर्ता, जिसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और जो मजदूरों के अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रही थी, उसके खिलाफ सामान्य कानून पर्याप्त क्यों नहीं था, इस पर भी विचार किया जाना चाहिए था।

इसे भी पढ़े-
सड़क दुर्घटना में कनिष्ठ अभियंता की मौत

सुलतानपुर, जनमुख न्यूज। जिले में मोटरसाइकिल सवार एक कनिष्ठ अभियंता की हलियापुर-बेलवाई मार्ग पर एक वाहन से टक्कर लगने से Read more

आज वाराणसी आएंगे मुख्यमंत्री योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को वाराणसी आएंगे। वे वाराणसी में कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे तो Read more

महिला डॉक्टर की हत्या के केस को लेकर देशभर में चिकित्सको की हड़ताल

नई दिल्ली, जनमुख डेस्क। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की Read more

अमौसी एयरपोर्ट पर रेडियो एक्टिव एलिमेंट लीक होने से हड़कंप

लखनऊ, जनमुख डेस्क। अमौसी एयरपोर्ट से गुवाहाटी जाने वाली उड़ान से कैंसररोधी दवाओं के कंटेनर को भेजा जाना था। एयरपोर्ट Read more

दूसरों को डराने के लिए बनाया गया उदाहरण

इसे भी पढ़े-
सड़क दुर्घटना में कनिष्ठ अभियंता की मौत

सुलतानपुर, जनमुख न्यूज। जिले में मोटरसाइकिल सवार एक कनिष्ठ अभियंता की हलियापुर-बेलवाई मार्ग पर एक वाहन से टक्कर लगने से Read more

आज वाराणसी आएंगे मुख्यमंत्री योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को वाराणसी आएंगे। वे वाराणसी में कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे तो Read more

महिला डॉक्टर की हत्या के केस को लेकर देशभर में चिकित्सको की हड़ताल

नई दिल्ली, जनमुख डेस्क। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की Read more

अमौसी एयरपोर्ट पर रेडियो एक्टिव एलिमेंट लीक होने से हड़कंप

लखनऊ, जनमुख डेस्क। अमौसी एयरपोर्ट से गुवाहाटी जाने वाली उड़ान से कैंसररोधी दवाओं के कंटेनर को भेजा जाना था। एयरपोर्ट Read more

’हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से ऐसा प्रतीत होता है कि जिलाधिकारी ने आकृति चौधरी को उदाहरण बनाने और अन्य लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर मजदूरों के समर्थन में आवाज उठाने से रोकने के उद्देश्य से कार्रवाई की।कोर्ट ने कहा कि जिलाधिकारी ने अपने पद की शपथ का उल्लंघन किया है और यह ऐसा मामला है जिसमें याचिकाकर्ता को मुआवजा दिया जाना चाहिए।अदालत ने राज्य की कार्रवाई को “असावधानीपूर्ण और लापरवाह तरीके से अधिकारों का इस्तेमाल” बताते हुए आकृति चौधरी को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। यह राशि जिलाधिकारी के वेतन से और मामले में जिम्मेदार अन्य अधिकारियों, यहां तक कि संबंधित थाना प्रभारी तक से वसूलने का निर्देश दिया गया।

अधिकारियों की निष्ठा संविधान के प्रति होनी चाहिए’
हाईकोर्ट ने IAS और IPS अधिकारियों की भूमिका पर भी विस्तार से टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि अधिकारियों को कानून व्यापक शक्तियां इसलिए देता है ताकि वे नागरिकों के अधिकार, सम्मान और कल्याण के बीच संतुलन कायम रखते हुए शासन व्यवस्था चलाएं।
कोर्ट ने याद दिलाया कि “बड़ी शक्ति के साथ बड़ी जिम्मेदारी आती है।” अधिकारियों को यह समझना चाहिए कि उनकी निष्ठा राजनीतिक कार्यपालिका के बजाय संविधान के प्रति है और ईमानदारी व निष्पक्षता उन नागरिकों के प्रति होनी चाहिए जिनकी वे सेवा करते हैं।
अदालत ने चेतावनी दी कि जब अधिकारी अपनी शपथ की भावना के विपरीत काम करते हैं और नागरिक स्वतंत्रताओं का अनुचित तरीके से हनन करते हैं, तो इससे जनता में असंतोष और शासन के प्रति अविश्वास बढ़ सकता है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार
अदालत ने नोएडा में हुए मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़े वीडियो साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया। पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने और एक व्यक्ति के भीड़ को संबोधित करने की तस्वीरों व वीडियो को आधार बनाया था।
कोर्ट ने कहा कि वीडियो में भीड़ के उग्र या हथियारबंद होने का कोई प्रमाण नहीं दिखता। लोगों के हाथों में लाठी या पत्थर जैसी हिंसा में इस्तेमाल होने वाली चीजें भी दिखाई नहीं देतीं। अदालत के मुताबिक लोग अधिक वेतन और बेहतर तथा मानवीय कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते नजर आए।
पीठ ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत लोगों को सार्वजनिक स्थान पर शांतिपूर्वक एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने का अधिकार है, बशर्ते वे हथियारों के साथ न हों और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा न कर रहे हों।
NSA जमानत रोकने का विकल्प नहीं
अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत एक अपवाद है। इसका इस्तेमाल सामान्य आपराधिक कानून के विकल्प के रूप में नहीं किया जा सकता। केवल इस आशंका के आधार पर किसी व्यक्ति को NSA में निरुद्ध नहीं किया जा सकता कि सामान्य कानून के तहत उसे जमानत मिल सकती है।
पीठ ने कहा कि हिरासत के आधार केवल आरोप या अधिकारियों की राय तक सीमित नहीं हो सकते। उन आरोपों के समर्थन में ठोस सामग्री होनी चाहिए। बिना साक्ष्य के अनुमान, पूर्वाग्रह, अटकल और राय के आधार पर किसी व्यक्ति को हिरासत में लेना मनमाना होगा और यह संविधान के अनुच्छेद 21 में मिले जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन होगा।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसा की आशंका पर नहीं रोका जा सकता’
कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भी असामाजिक या शरारती तत्व हिंसा पैदा कर सकते हैं और बाद में पूरे समूह को उसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ऐसी स्थिति में पूरे शांतिपूर्ण समूह को रोकना उचित नहीं होगा।
अदालत ने कहा कि केवल शांति भंग होने की आशंका के आधार पर लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर एकत्र होने या अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने से रोकना सामूहिक अभिव्यक्ति के संवैधानिक अधिकार को प्रभावित करेगा।
पीठ ने यह भी कहा कि बड़े प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस को ऐसे आयोजनों को संभालने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और भीड़ तथा प्रदर्शन की वीडियोग्राफी कराई जानी चाहिए, ताकि हिंसा होने की स्थिति में वास्तविक जिम्मेदारी तय की जा सके।
नोएडा प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई थीं 15 FIR
नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसा के बाद पुलिस कार्रवाई में 15 FIR दर्ज की गई थीं। इनमें सैकड़ों लोगों को आरोपी बनाया गया और कम से कम 60 लोगों को जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।
आकृति चौधरी को भी इसी मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। हाईकोर्ट के आदेश ने एक बार फिर प्रशासनिक शक्तियों के इस्तेमाल, नागरिक स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।

Spread the love

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *