राहुल गांधी के भाषण पर लोकसभा में हंगामा, सत्ता–विपक्ष आमने-सामने

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा नौवां केंद्रीय बजट पेश किए जाने के एक दिन बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सियासी घमासान देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप से सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो बाद में भारी हंगामे में बदल गई।
धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कुल 18 घंटे का समय तय किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 फरवरी को इस पर जवाब देंगे। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति के संयुक्त संबोधन के साथ शुरू हुआ था।
सोमवार को राहुल गांधी ने लोकसभा में एक पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब के मसौदे के अंशों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि डोकलाम के दौरान चीनी टैंक भारतीय सीमा में पहुंच गए थे। इस दावे पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह काल्पनिक बताते हुए कहा कि वह सदन को गुमराह कर रहे हैं।
लगातार शोर-शराबे और गतिरोध के चलते लोकसभा की कार्यवाही दिन में तीन बार स्थगित करनी पड़ी। पहले दोपहर 2:09 बजे से 3 बजे तक, फिर 3:08 बजे से शाम 4 बजे तक और अंत में 4:10 बजे सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
हंगामे के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा से डर रही है और सच छुपा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा। राहुल गांधी ने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से जो बातें कही थीं, वही वह सदन के सामने रखना चाहते थे।
इस बीच राज्यसभा में भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरा गया। सदस्यों ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र, किसानों की समस्याएं और मानव–पशु संघर्ष जैसे सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता इन समस्याओं से जूझ रही है।
वहीं, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस और पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दस साल के शासन में कांग्रेस ने केवल बहाने बनाए, जबकि मोदी सरकार ने चुनौतियों के बावजूद युवाओं को सशक्त करने और विकसित भारत की दिशा में काम किया।
सरकार की ओर से केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि देश में हरित आवरण बढ़ाने के लिए ‘नमो वन’ योजना के तहत नगर वन विकसित किए जा रहे हैं और सांसदों से इसमें सहयोग की अपील की गई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों से छोटे और संक्षिप्त प्रश्न पूछने की अपील दोहराई, ताकि अधिक से अधिक सांसदों को पूरक प्रश्न पूछने का अवसर मिल सके।

