लोकसभा में हंगामे के चलते टला प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन, भाजपा ने बताया पूर्व-नियोजित विरोध

नई दिल्ली जनमुख न्यूज़। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित संबोधन भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। दिनभर चले विरोध, नारेबाजी और बार-बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद शाम को जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तब हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए। स्थिति बिगड़ने पर लोकसभा की कार्यवाही फिर से स्थगित कर दी गई, जिसके चलते प्रधानमंत्री का संबोधन नहीं हो सका।
इस मुद्दे पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन को रोकने के लिए यह विरोध पहले से तय रणनीति के तहत किया गया था। मनोज तिवारी का दावा है कि कुछ महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट के आसपास पहुंच गई थीं, जिससे घेराव जैसी स्थिति बन गई। उन्होंने इसे डराने वाला माहौल बताया और कहा कि संसदीय कार्य मंत्री कंवल जीत सिंह ढिल्लों की तत्परता से स्थिति को संभाला गया।
वहीं विपक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक विरोध करार दिया। जानकारी के अनुसार, शाम करीब पांच बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई और प्रधानमंत्री के जवाब की उम्मीद थी, उसी समय विपक्ष की कुछ महिला सांसद ट्रेजरी बेंच के पास पहुंच गईं। इनमें वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि प्रमुख रूप से शामिल थीं, जो ‘डू व्हॉट इज राइट’ लिखा बैनर लेकर विरोध जता रही थीं। यह प्रदर्शन एक दिन पहले निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसदों के समर्थन में बताया गया।
प्रधानमंत्री के संबोधन के टलने पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि जैसा उन्होंने पहले कहा था, प्रधानमंत्री सदन में नहीं आएंगे क्योंकि वे सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते। वीडियो में राहुल गांधी यह कहते नजर आए कि यदि प्रधानमंत्री आते, तो वे उन्हें एक किताब भेंट कर उस पर चर्चा की मांग करते।
धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा अब लोकसभा की अगली बैठक में आगे बढ़ने की संभावना है।

