एपस्टीन केस में नया दावा: महिला ने डोनाल्ड ट्रम्प पर लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप

नई दिल्ली, अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़। कुख्यात जेफ्री एपस्टीन मामले से जुड़े नए खुलासों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इस मामले में सामने आए एक साक्षात्कार में एक महिला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी न्याय विभाग ने एक महिला के साथ हुए साक्षात्कार के आधार पर कुछ नए दावे सार्वजनिक किए हैं। यह साक्षात्कार तीन हिस्सों में जारी किया गया है। यह खुलासा ऐसे समय सामने आया है जब डेमोक्रेटिक पार्टी प्रशासन पर राष्ट्रपति से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगा रही है।
महिला ने दावा किया कि जब उसकी उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच थी, तब जेफ्री एपस्टीन उसे न्यूयॉर्क या न्यू जर्सी लेकर गया, जहां एक इमारत में उसकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से कराई गई। आरोप के मुताबिक कथित घटना से पहले ट्रम्प ने कमरे में मौजूद लोगों को बाहर जाने के लिए कहा। महिला ने बताया कि उसने अपना बचाव करते हुए ट्रम्प को काट लिया, जिसके बाद अन्य लोग कमरे में वापस आ गए।
महिला का यह भी दावा है कि बाद में उसकी ट्रम्प से दो और बार मुलाकात हुई, हालांकि उसने इन मुलाकातों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
साक्षात्कार में महिला ने यह भी कहा कि उसने एपस्टीन और ट्रम्प के बीच बातचीत सुनी थी, जिसमें कथित तौर पर ब्लैकमेल और पैसों के लेन-देन की बातें हो रही थीं। उसने यह भी दावा किया कि दोनों के बीच कभी-कभी तनाव भी देखने को मिलता था, जबकि सार्वजनिक रूप से वे सामान्य व्यवहार करते थे।
महिला के अनुसार जेफ्री एपस्टीन ने कथित तौर पर उसके साथ संबंधों के दौरान उसकी अश्लील तस्वीरें ली थीं और बाद में उन तस्वीरों के जरिए उसकी मां को ब्लैकमेल किया गया। उसने आरोप लगाया कि एपस्टीन और उसके सहयोगी जिम एटकिंस ने तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी दी, जिसके बाद उसकी मां को पैसे देकर मामला दबाने की कोशिश करनी पड़ी।
उधर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के खिलाफ लगाए गए दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

