ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान के साथ समझौता अंतिम चरण में, परमाणु हथियार नहीं बनाने पर बनी सहमति

वॉशिंगटन, जनमुख न्यूज़। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है और दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं और इसका आयोजन यूरोप में होने की संभावना है।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि समझौते के दस्तावेज तैयार हैं और प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि इस समझौते का सबसे अहम बिंदु यह है कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और न ही उसे हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की पूरी रणनीति का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियारों से दूर रखना रहा है। उनके अनुसार, हालिया घटनाक्रमों के बाद ईरान बातचीत के प्रति अधिक सकारात्मक और व्यावहारिक रुख अपनाता दिखाई दे रहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि समझौते पर हस्ताक्षर समारोह में उपराष्ट्रपति JD Vance भी शामिल हो सकते हैं। यह कार्यक्रम इस सप्ताहांत यूरोप में आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रंप ने दावा किया कि यह समझौता केवल अमेरिका और ईरान के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार न रखने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसे उनकी सरकार की बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के महीनों में समुद्री मार्गों पर कई गुप्त सैन्य अभियान चलाए गए, जिनमें कुछ जहाजों को निशाना बनाया गया और ईरान की निगरानी क्षमताओं को नुकसान पहुंचा। ट्रंप के अनुसार, समझौता लागू होने के बाद Strait of Hormuz में समुद्री यातायात सामान्य होगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बेहतर होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम पड़ सकता है।ट्रंप ने विश्वास जताया कि समझौते के सफल क्रियान्वयन से क्षेत्रीय तनाव कम होगा और वैश्विक आर्थिक स्थिरता को भी मजबूती मिलेगी।

