राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंध अंधकार की ओर बढ़ रहे: राहुल गांधी

तिरुवंतपुरम, जनमुख न्यूज़। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मौजूदा दौर की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में समझ और संवाद की जगह हिंसा बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि आज की राजनीति में लोग एक-दूसरे को समझने की कोशिश करने के बजाय असहमति होने पर टकराव और हिंसा का रास्ता अपनाते हैं।
केरलम के कोल्लम में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक राजनीति ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां देश एक-दूसरे को समझने के बजाय संघर्ष की राह पर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी संवाद की जगह बम और युद्ध का सहारा लिया जा रहा है।
यह कार्यक्रम महात्मा गांधी और समाज सुधारक श्री नारायण गुरु की ऐतिहासिक मुलाकात की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान राहुल गांधी ने दोनों महान व्यक्तित्वों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे हमेशा प्रेम, सम्मान और आपसी समझदारी के पक्षधर रहे।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान भी उन्हीं मूल्यों पर आधारित है, जिनकी पैरवी महात्मा गांधी और नारायण गुरु ने की थी। राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष किया, लेकिन उनके साथ हुए अत्याचारों से उनका संकल्प कमजोर नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि गांधीजी को अपने संघर्ष के दौरान नारायण गुरु जैसे समाज सुधारकों से प्रेरणा मिली थी। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में शक्ति और बल के अंतर को समझाते हुए कहा कि अंग्रेजों के पास बल तो था, लेकिन नैतिक शक्ति नहीं थी, जबकि गांधीजी के पास सत्य और नैतिक बल था, जिसने उन्हें वास्तविक शक्ति प्रदान की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नारायण गुरु के पास न धन था और न ही कोई भौतिक शक्ति, फिर भी वे अपने समय में केरल के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में गिने जाते थे। उन्होंने कहा कि आज भी उनके विचार समाज को मार्गदर्शन दे रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी और नारायण गुरु दोनों ने यह संदेश दिया कि हिंसा और नफरत से कभी भी स्थायी समाधान नहीं निकलता, बल्कि समाज को नुकसान ही होता है।

