UPSC रिजल्ट में 301वीं रैंक को लेकर विवाद खत्म, पीआईबी ने बताया किस अकांक्षा सिंह का दावा है सही

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम 6 मार्च 2026 को घोषित होने के बाद 301वीं रैंक को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। एक ही रैंक पर दो महिलाओं द्वारा दावा किए जाने के बाद मामला चर्चा में आ गया था। अब प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने स्पष्ट कर दिया है कि गाजीपुर की रहने वाली आकांक्षा सिंह का दावा सही है।
दरअसल बिहार के चर्चित व्यक्ति रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने भी दावा किया था कि उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की है और उनकी 301वीं रैंक आई है। वहीं गाजीपुर की एक अन्य आकांक्षा सिंह ने भी इसी रैंक का दावा किया था, जिसके बाद भ्रम की स्थिति बन गई।
मामले के सामने आने के बाद पीआईबी ने रोल नंबर, माता-पिता का नाम और पता जारी कर स्थिति साफ कर दी। जारी स्पष्टीकरण के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक पाने वाली आकांक्षा सिंह का रोल नंबर 0856794 है। उनके पिता का नाम रंजीत सिंह और माता का नाम नीलम सिंह है। वह गाजीपुर जिले के अभयपुर गांव की निवासी हैं।
विवाद सामने आने के बाद गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने पहले ही कहा था कि उनके एडमिट कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड स्कैन करने से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उनके नाम और रैंक का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है।
बता दें कि ब्रह्मेश्वर मुखिया का वर्ष 2012 में निधन हो गया था। इससे पहले उनकी पोती आकांक्षा सिंह ने दावा किया था कि उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास की है और वह रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं।
पीआईबी के स्पष्टीकरण के बाद अब इस विवाद पर विराम लग गया है और स्पष्ट हो गया है कि 301वीं रैंक गाजीपुर की आकांक्षा सिंह को मिली है।

