पुलिस आयुक्त व जिलाधिकारी ने ज्वेलरी कारोबारियों के साथ सुरक्षा, साइबर सतर्कता, टैक्स एवं व्यापारिक अफ़वाहों पर किया मंथन

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार द्वारा स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों एवं जनपद के ज्वेलरी संस्थानों के स्वामियों के साथ शनिवार को कैम्प कार्यालय में गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें व्यापारियों की व्यापार से जुड़ी अफ़वाहों, उनकी समस्याओं, सुरक्षा व्यवस्था, साइबर अपराधों से बचाव, जीएसटी संबंधी मुद्दों एवं वर्तमान में पर विस्तृत चर्चा की गई।
पुलिस आयुक्त द्वारा स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों से उनकी समस्याओं एवं सुझावों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की गई। प्राप्त समस्याओं के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी अपनी शिकायत अथवा समस्या दूरभाष के माध्यम से अथवा प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से 14:00 बजे तक पुलिस कार्यालय में उपस्थित होकर सीधे अवगत करा सकते हैं।
पुलिस कर्मियों को व्यापारियों के प्रति सौम्य एवं संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक प्रताड़ना/हरासमेंट से बचने हेतु निर्देशित किया गया।इस दौरान सभी ज्वेलरी संस्थानों में अधिकाधिक संख्या में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने हेतु सुझाव दिया गया। बहुमूल्य आभूषणों एवं नकदी की सुरक्षा हेतु डिजिटल लॉकर सहित आधुनिक सुरक्षा उपकरणों एवं तकनीकी साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई। निजी सुरक्षा गार्डों एवं कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराने हेतु निर्देश दिए गए। सत्यापन एवं अन्य नागरिक सेवाओं हेतु UPCOP App अथवा https://uppolice.gov.in/ के Janhit Sevayen/Citizen Services पोर्टल का उपयोग करने की जानकारी दी गई।
अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण एवं सतर्कता पर विशेष जोर देते हुए सोने एवं आभूषणों के क्रय-विक्रय के दौरान विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को देने हेतु कहा गया। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि “लालच में आकर चोरी का सामान न खरीदें और न ही बेचें।” व्यापारियों को टैक्स वृद्धि अथवा अन्य प्रकार की भ्रामक अफवाहों से दूर रहने एवं केवल अधिकृत एवं प्रमाणित सूचनाओं पर विश्वास करने की सलाह दी गई। स्वर्ण व्यापारियों द्वारा जीएसटी से संबंधित समस्याओं एवं व्यवहारिक कठिनाइयों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा गया। व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक समन्वय एवं समाधान हेतु आश्वस्त किया गया।
पुलिस आयुक्त ने साइबर अपराधों के प्रमुख कारण “लालच, डर एवं असावधानी” को बताते हुए सभी व्यापारियों को सतर्क एवं जागरूक रहने की सलाह दी। ऑनलाइन लेन-देन, फर्जी कॉल, लिंक एवं डिजिटल भुगतान से संबंधित धोखाधड़ी से बचने हेतु आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी पुलिस थाना/साइबर सेल से संपर्क करने हेतु कहा गया।
इस दौरान गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) श्री शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन श्री गौरव बंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त वरूणा सुश्री लिपि नागयाच, अपर आयुक्त राज्य जीएसटी सुश्री दिप्ती कटियार सहित अन्य राजपत्रित अधिकारी, स्वर्णकार संघ के पदाधिकारी एवं ज्वेलरी संस्थानों के स्वामी उपस्थित रहे ।


