वट सावित्री व्रत पर उमड़ी आस्था, सुहागिन महिलाओं ने बरगद की पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्य

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना का पावन पर्व वट सावित्री व्रत शुक्रवार को काशी समेत पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों और वट वृक्षों के आसपास पूजा-अर्चना के लिए सुहागिन महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।पारंपरिक परिधानों और श्रृंगार में सजी महिलाएं पूजा सामग्री के साथ बरगद के वृक्ष के पास पहुंचीं और विधि-विधान से पूजा की। इस दौरान पूजा स्थलों पर मंत्रोच्चार, भजन और धार्मिक गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।व्रत करने आई श्रद्धालु महिलाओं ने बताया कि वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिनों के लिए विशेष महत्व रखता है। महिलाएं यह व्रत अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली के लिए रखती हैं। बरगद के वृक्ष की पूजा कर वे परिवार को हर संकट से सुरक्षित रखने की प्रार्थना करती हैं।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत माता सावित्री और सत्यवान की कथा से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने तप, साहस और पतिव्रता धर्म के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से यह व्रत सुहागिन महिलाओं के बीच आस्था और विश्वास का प्रतीक बना हुआ है।व्रत के दौरान महिलाओं ने वट वृक्ष पर जल अर्पित किया और सूत का धागा बांधकर उसकी परिक्रमा की। धार्मिक मान्यता है कि वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास होता है। इसकी पूजा से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।इस अवसर पर महिलाओं ने देशभर की बेटियों, बहनों और माताओं के सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए वट सावित्री व्रत की शुभकामनाएं भी दीं।

