मशहूर उर्दू शायर बशीर बद्र का निधन, शायरी की दुनिया में छाया शोक

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। पद्मश्री से सम्मानित मशहूर उर्दू शायर बशीर बद्र का गुरुवार को भोपाल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। परिवार के सूत्रों के अनुसार उन्होंने भोपाल स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से साहित्य और शायरी की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है।
बशीर बद्र अपनी संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली ग़ज़लों के लिए दुनियाभर में पहचाने जाते थे। उनके लिखे शेर आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
“उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए”
जैसी पंक्तियों ने उन्हें अमर बना दिया।
उनकी अन्य चर्चित रचनाओं में
“कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, यूं ही कोई बेवफा नहीं होता”
और
“लोग टूट जाते हैं एक मकां बनाने में, वो तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में”
जैसे शेर शामिल हैं।
वर्ष 1972 में भारत-पाकिस्तान शिमला समझौते के दौरान लिखा गया उनका मशहूर शेर —
“दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,
जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा ना हों”
आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि बशीर बद्र ने अपनी रचनाओं के माध्यम से संवेदनशीलता, मानवता और अपनत्व का संदेश दिया। वहीं मशहूर गीतकार Javed Akhtar ने कहा कि बशीर बद्र के जाने से उर्दू भाषा और गरीब हो गई है।
15 फरवरी 1935 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जन्मे बशीर बद्र का असली नाम सैयद मोहम्मद बशीर था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उर्दू के शिक्षक के रूप में भी कार्य किया। उर्दू, हिंदी, फारसी और अंग्रेजी पर उनकी गहरी पकड़ थी। उन्होंने सात से अधिक उर्दू कविता संग्रह और कई साहित्यिक आलोचना की पुस्तकें लिखीं।
साल 1987 में मेरठ में हुए सांप्रदायिक दंगों में उनका घर जल गया था, जिसमें उनकी कई अप्रकाशित रचनाएं नष्ट हो गई थीं। इसके बाद उन्होंने भोपाल में नई शुरुआत की और अपनी शायरी से लाखों दिलों में जगह बनाई।
बशीर बद्र को पद्मश्री सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उनकी ग़ज़लें और शायरी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेंगी।

इसे भी पढ़े-
कश्मीर और हरियाणा में चुनाव का हुआ ऐलान

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। निर्वाचन आयोग ने आज (शुक्रवार को) तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त Read more

बिहार में अगुवानी सुल्तानगंज ब्रिज का एक हिस्सा ढह गया।

पटना, जनमुख न्यूज। बिहार में गंगा नदी पर निर्माणाधीन अगुवानी-सुल्तानगंज पुल का एक हिस्सा शनिवार सुबह ढह गया। खगड़िया के Read more

कोलकाता रेप मर्डर केस – ममता बनर्जी के मार्च पर भाजपा का तंज

कोलकाता जनमुख न्यूज। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रशिक्षु डॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Read more

नेपाल की विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा भारत की पांच-दिवसीय यात्रा पर पहुंचीं

नेपाल, जनमुख न्यूज। नेपाल की विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करने के उद्देश्य से पांच-दिवसीय Read more

Spread the love

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *