बिरला छात्रावास की ऊंची दीवार का विरोध, छात्रों ने कहा- धरोहर की पहचान से हो रहा खिलवाड़

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के बिरला छात्रावास को लेकर छात्रों और छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों का आरोप है कि छात्रावास की मौजूदा बाउंड्री वॉल को तोड़कर उसकी ऊंचाई बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, जिससे ऐतिहासिक छात्रावास की मूल पहचान और स्थापत्य स्वरूप प्रभावित होगा।
सोमवार को बिरला छात्रावास के छात्र और विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय के पास एकत्र हुए और कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की। छात्रों का कहना है कि बिरला छात्रावास BHU की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक परंपरा और विशिष्ट वास्तुकला का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे संरक्षित किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में छात्रों ने कहा कि छात्रावास की पहचान उसके खुले परिसर और पारंपरिक निर्माण शैली से जुड़ी हुई है। वर्तमान में प्रस्तावित बदलावों से इसका मूल स्वरूप प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से ऐतिहासिक संरचना को यथावत बनाए रखने की मांग की।
छात्रों का आरोप है कि पहले भी रुइया छात्रावास में इसी तरह के बदलाव किए गए थे, जिससे उसकी मूल सुंदरता और पहचान प्रभावित हुई। छात्रों ने कहा कि छात्रावासों की ऊंची दीवारें परिसर के खुले और शैक्षणिक वातावरण के विपरीत हैं तथा इससे छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे आगे आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।

