पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षार्थियों का हंगामा, पथराव और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज

पटना, जनमुख न्यूज़। बिहार में मद्य निषेध विभाग की परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन रविवार को पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हिंसक हो गया। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया, ट्रेनों में तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, चेतावनी स्वरूप हवाई फायरिंग की और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।
जानकारी के अनुसार, विभिन्न जिलों में आयोजित मद्य निषेध विभाग की परीक्षा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचे थे। अभ्यर्थियों का आरोप था कि उनके लिए पर्याप्त ट्रेन व्यवस्था नहीं की गई है। इसी मांग को लेकर सैकड़ों छात्र रेलवे ट्रैक पर बैठ गए और ट्रेन परिचालन बाधित कर दिया।
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन ने बताया कि रेलवे प्रशासन ने पहले से दो विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की थी। इसके बावजूद कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व भी भीड़ में शामिल हो गए और पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग करना पड़ा।
वहीं, पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने बताया कि करीब 200 से 250 छात्र रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेन संचालन रोक रहे थे। पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ लोगों ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद रेलवे संपत्ति और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई।रेल आईजी अमरेश कुमार के अनुसार, रात करीब 11:45 बजे दो ट्रेनें स्टेशन पर मौजूद थीं। अभ्यर्थियों की मांग पर रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था भी की, जो रात करीब 2:30 बजे स्टेशन पहुंच गई। बावजूद इसके प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और ट्रेन में तोड़फोड़ के साथ पथराव शुरू कर दिया।हंगामे के दौरान पुलिस और रेलवे अधिकारियों को भी मामूली चोटें आईं। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर स्टेशन परिसर तथा रेलवे ट्रैक को खाली कराया।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और रेलवे परिचालन सामान्य कर दिया गया है। स्टेशन परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन ने घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

