अजय राय का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, खनन हादसे में कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस करेगी प्रदर्शन

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने शुक्रवार को भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। रामगढ़ स्थित मंडी समिति मैदान में महात्मा गांधी के बलिदान दिवस पर आयोजित संविधान संवाद एवं जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार पर सनातन परंपरा के अपमान और जाति-धर्म के नाम पर समाज में वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाया।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अविनाश पांडेय ने कार्यक्रम से पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। सभा को संबोधित करते हुए अजय राय ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज सत्ता में वही लोग बैठे हैं, जो बापू की हत्या करने वालों की विचारधारा को मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सनातन की बात तो करती है, लेकिन शंकराचार्य जैसे वरिष्ठ धर्मगुरुओं का भी अपमान कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग शंकराचार्य होने का प्रमाण मांग रहे हैं, वे यह स्पष्ट करें कि महाकुंभ में उन्हें किस आधार पर स्थान आवंटित किया गया।
काशी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ का जिक्र करते हुए अजय राय ने कहा कि यदि उनके आरोप गलत हैं तो सरकार उन्हें जेल भेज दे, लेकिन यह भी बताए कि वास्तविक मूर्ति कहां है। उन्होंने यूजीसी बिल को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसकी आड़ में समाज को जातियों में बांटने की साजिश रची जा रही है।
खनन हादसे का उल्लेख करते हुए अजय राय ने कहा कि सोनभद्र में माफिया पूरी तरह हावी हैं और उनके संरक्षण में हादसे के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर खनन हादसे के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन करेगी।
इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय ने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासियों को जंगल की जमीन पर अधिकार दिलाया था, लेकिन केंद्र और प्रदेश की सरकारें अब उन अधिकारों को देने से पीछे हट रही हैं। उन्होंने मनरेगा का नाम बदलने को मजदूरों और महात्मा गांधी का अपमान बताया।
कार्यक्रम से पहले रामगढ़ पेट्रोल पंप के पास आयोजन संयोजक एवं पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश देव पांडेय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का भव्य स्वागत किया।

