अखिलेश यादव का आरोप: फार्म-7 के जरिए पीडीए और अल्पसंख्यकों का वोट काटने की साजिश, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

लखनऊ, जनमुख न्यूज़। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर फार्म-7 के माध्यम से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) विशेषकर अल्पसंख्यक मतदाताओं के वोट कटवाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली की तैयारी की जा रही है और इस संबंध में पूरे प्रदेश की विधानसभाओं से शिकायतें मिल रही हैं। समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मंगलवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात एक आईएएस अधिकारी मंडल आयुक्तों, जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों पर समाजवादी पार्टी समर्थक पीडीए और अल्पसंख्यक मतदाताओं के वोट काटने का दबाव बना रहा है।उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि फार्म-7 के जरिए हो रही कथित धांधली पर तत्काल रोक लगाई जाए। अखिलेश यादव ने सुझाव दिया कि डाउनलोड किए गए फार्मों के सत्यापन की वैकल्पिक व्यवस्था बने, हर फार्म पर नंबरिंग हो, कागजी फार्म-7 पर भारत निर्वाचन आयोग का होलोग्राम लगाया जाए, अब तक जमा सभी फार्म-7 निरस्त किए जाएं और उनके हस्ताक्षरों की न्यायिक जांच कराई जाए। इसके साथ ही घपलेबाजी पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग, फार्म जमा करते समय की सीसीटीवी फुटेज की जांच और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 420 सहित साजिश के तहत मुकदमा चलाने की मांग की।अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में वोट सबसे बड़ा अधिकार है। यदि चुनाव आयोग इस तरह की धांधली रोकने और दोषियों पर कार्रवाई करने में असमर्थ है तो उसे अपनी इमारत पर भाजपा का झंडा लगा लेना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हार के डर से घबराई हुई है और पेन ड्राइव के जरिए विधानसभा-वार सूची भेजकर वोट कटवाने की योजना पर काम कर रही है। सपा को मिली जानकारियों के अनुसार, पूरे प्रदेश में एक करोड़ 99 हजार 710 वोट काटने का लक्ष्य तय किया गया है। बछरावा में 32 हजार से अधिक, अकबरपुर में आठ हजार से ज्यादा, गोंडा की कर्नलगंज में 6,321 और रायबरेली के सरेनी में 3,300 वोट काटने का लक्ष्य बताया गया है।अखिलेश यादव ने सुल्तानपुर सदर, लखनऊ के सरोजनीनगर समेत कई क्षेत्रों में प्रिंटेड फार्म-7 पर फर्जी हस्ताक्षर कर वोट कटवाने का आरोप लगाया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जयसिंहपुर में 26 फार्म जमा किए गए, जिनमें नंदलाल के नाम से दो फार्म थे, जबकि वह हस्ताक्षर नहीं करते और अंगूठा लगाते हैं। इसी तरह सरोजनीनगर में दशरथ कुमार के नाम से 100 फार्म जमा कराए गए, जबकि वह भी हस्ताक्षर नहीं जानते।उन्होंने दावा किया कि यह कथित धांधली गाजियाबाद से गाजीपुर तक फैली है और भाजपा उन विधानसभाओं में ज्यादा वोट कटवाने की कोशिश कर रही है, जहां वह बड़े अंतर से हारी थी। कन्नौज में एक पोलिंग स्टेशन पर मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाकर 1,200 वोट काटने का आरोप भी लगाया गया।
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी इस पूरे मामले में क्या कर रहे हैं और सपा की लिखित शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि बीएलओ हताश और निराश हैं, उन पर दबाव बनाया जा रहा है और एक्सेल शीट के जरिए प्रिंटेड सूचियां भेजी जा रही हैं।प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह और पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में कथित धांधली से जुड़ी जानकारियां साझा कीं और पेन ड्राइव के जरिए वोट कटवाने की साजिश का आरोप दोहराया।

