लोकसभा में अमित शाह का दावा—देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त, विपक्ष पर साधा निशाना

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि देश अब नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है और आदिवासी इलाकों में असली न्याय पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव 2014 के बाद केंद्र सरकार की सख्त नीति, सुरक्षा अभियानों और विकास योजनाओं के चलते संभव हुआ है।
गृह मंत्री ने साफ कहा कि सरकार ने नक्सलियों से बातचीत का रास्ता नहीं चुना, बल्कि उन्हें खत्म कर विकास को आगे बढ़ाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “जो हथियार उठाएगा, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
शाह ने दावा किया कि नक्सलियों का केंद्रीय नेतृत्व, पोलित ब्यूरो और कमेटी अब लगभग खत्म हो चुकी है। कई नक्सली मारे गए, कई ने आत्मसमर्पण किया और कुछ फरार हैं।
शाह के अनुसार, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा के बड़े इलाके अब नक्सल प्रभाव से बाहर आ चुके हैं। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस के संयुक्त प्रयासों को दिया।
गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद संसाधनों की कमी और दूरदराज इलाकों में विकास की कमी के कारण नक्सलवाद को बढ़ावा मिला। जिन क्षेत्रों में सरकारी पहुंच कमजोर थी, वहां रेड कॉरिडोर बना और आदिवासियों को भड़काकर हिंसा की राह पर डाला गया।
Indian National Congress पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के दौरान नक्सलवाद को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और यह मामला चुनाव तक जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि देश अब नक्सलमुक्त होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है और सरकार का लक्ष्य इसे पूरी तरह समाप्त करना है।

