शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी, कोर्ट ने सबूतों को बताया अपर्याप्त

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित आबकारी नीति (शराब नीति) मामले में पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia समेत कई अन्य आरोपियों को सीबीआई केस में आरोपमुक्त कर दिया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित नहीं होते और आरोपपत्र में भी कई कमियां पाई गईं।
अदालत का फैसला आने के बाद कोर्ट परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार थे और उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था। उन्होंने कहा कि “सत्य की जीत हुई है” और राजनीतिक साजिश के तहत उनकी पार्टी के नेताओं को निशाना बनाया गया। साथ ही उन्होंने देश की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की।गौरतलब है कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) दोनों ने जांच की थी। ED ने 21 मार्च 2024 को केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। बाद में 26 जून को CBI ने उन्हें जेल से ही हिरासत में लिया। सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई 2024 को ED मामले में तथा 13 जुलाई 2024 को CBI मामले में उन्हें जमानत दी थी।इस प्रकरण से जुड़ी एक रिपोर्ट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ओर से सामने आई थी, जिसमें दिल्ली सरकार को कथित तौर पर 2026 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में लाइसेंस प्रक्रिया और नीति निर्माण में अनियमितताओं का जिक्र किया गया था। हालांकि, अदालत ने सीबीआई केस में उपलब्ध साक्ष्यों को आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं माना।फिलहाल, अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे न्याय की जीत बताया है, जबकि मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

