शंकराचार्य से प्रमाणपत्र मांगना सनातन धर्म का अपमान: अखिलेश यादव

लखनऊ, जनमुख न्यूज़। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यदि कोई अधिकारी शंकराचार्य से उनका परिचय या प्रमाणपत्र मांग रहा है, तो इससे बड़ा सनातन धर्म का अपमान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य और साधु-संत समाज की शोभा हैं और उनसे आशीर्वाद लेना सनातन परंपरा का अहम हिस्सा है।
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य से मिलने लाखों अनुयायी आते हैं और यही सनातन धर्म की परंपरा रही है। माना जा रहा है कि उनका यह बयान माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई कथित घटना को लेकर है।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सनातन परंपराओं को तोड़ने का काम कर रही है। भाजपा सरकार साधु-संतों और शंकराचार्य का जानबूझकर अपमान कर रही है और अधिकारियों के माध्यम से उनके साथ दुर्व्यवहार कराया जा रहा है, जो पूरी तरह निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा साधु-संतों और शंकराचार्य से आशीर्वाद लेकर जनता की सेवा करेगी। जो संत सत्य और सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं, वही सच्चे संत होते हैं, जबकि कुछ लोग सरकार के इशारों पर चलते हैं, उन्हें सच्चा संत नहीं कहा जा सकता।
अखिलेश यादव ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनमानी पर उतारू है और जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। जो लोग सरकार की नीतियों से सहमत नहीं हैं, उन्हें नोटिस भेजकर, सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों के जरिए परेशान किया जा रहा है।

