विधायकों के फोन न उठाने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई: विधानसभा अध्यक्ष

लखनऊ, जनमुख न्यूज़। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्पष्ट किया है कि विधायकों के फोन न उठाने या जनहित के मामलों में सहयोग न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को उत्तरदायी बनाने की व्यवस्था दी।अध्यक्ष ने कहा कि कार्यपालिका द्वारा विधायिका और न्यायपालिका के क्षेत्राधिकार में हस्तक्षेप की सूचना संविधान के प्रावधानों के संदर्भ में गंभीर है, इसलिए इसे स्वीकार किया गया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 164(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि मंत्री परिषद राज्य विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।उन्होंने कहा कि यदि कोई विधायक जनहित के कार्यों को लेकर किसी अधिकारी से संपर्क करता है, तो अधिकारी का दायित्व है कि वह सम्मानपूर्वक बात करे, समय दे और मामले की सुनवाई सुनिश्चित करे। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संतुलन बनाए रखना जरूरी है, अन्यथा अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसे संभालना कठिन होगा।विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सदस्यों से अपेक्षा है कि वे कार्यपालिका और न्यायपालिका की मर्यादा का सम्मान करें। जो जनप्रतिनिधि अगली पीढ़ी के हित में कार्य करते हैं, उन्हें ही ‘स्टेट्समैन’ कहा जाता है। हम सभी यहां जनता के कार्यों के लिए उपस्थित हैं।उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री से इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। पूर्व में जारी शासनादेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। आदेशों का अनुपालन न करना सेवा नियमावली का उल्लंघन है और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

