सारनाथ में मधुमक्खियों का हमला, पर्यटकों में मची अफरातफरी; 20 से अधिक घायल

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। भगवान बुद्ध की धर्मोपदेश स्थली सारनाथ में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब जैन मंदिर परिसर स्थित पीपल के पेड़ से अचानक मधुमक्खियों का झुंड निकलकर पर्यटकों पर हमला करने लगा। हमले के बाद मूलगंध कुटी विहार मंदिर, जैन मंदिर, धमेख स्तूप क्षेत्र और पुरातात्विक खंडहर परिसर में करीब चार घंटे तक दहशत का माहौल बना रहा।
मधुमक्खियों के डंक से बचने के लिए पर्यटक इधर-उधर भागते नजर आए। कोई कपड़े, बैग या दुपट्टे से खुद को ढंक रहा था तो कुछ लोगों ने टिकट घर और परिसर के व्याख्यान कक्ष में शरण ली। कई पर्यटक स्थानीय दुकानदारों की दुकानों में जाकर छिपे।
श्रीलंका से आए करीब 45 पर्यटकों के दल के कई सदस्य मधुमक्खियों का शिकार हो गए। स्थानीय दुकानदार राजू ने घायलों को पास के क्लीनिक ले जाकर प्राथमिक उपचार दिलाया। वहीं, धमेख स्तूप के पास रूस से आए पर्यटकों के एक समूह पर भी मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इस दौरान स्वेतलाना, झान्या, व्लादिमीर और तान्या सहित कई लोग घायल हो गए।
रूसी भाषा के गाइड जैनेंद्र राय ने तत्परता दिखाते हुए पर्यटकों को खंडहर परिसर से बाहर निकाला। स्थानीय दुकानदार राजेश कुमार ने तिरपाल से ढककर पर्यटकों को सुरक्षित वाहनों तक पहुंचाने में मदद की।
बताया जा रहा है कि दोपहर लगभग एक बजे से शाम चार बजे तक पर्यटक मधुमक्खियों के डर से इधर-उधर भागते रहे। स्थानीय लोग पत्तियां जलाकर धुआं करने और तिरपाल से लोगों को ढंकने जैसी कोशिशों में जुटे रहे, ताकि मधुमक्खियों को दूर भगाया जा सके।
घटना में 20 से अधिक पर्यटक और स्थानीय लोग घायल हुए हैं। सभी का उपचार कराया गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

