मुरैना में मंदिर की छत गिरने से बड़ा हादसा, तीन मासूम बच्चियों की मौत, गांव में मातम

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अहरौली गांव में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के चामड़ माता मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के दौरान अचानक छत की पटिया टूटकर गिर पड़ी, जिससे तीन मासूम बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया।
घटना के वक्त मंदिर के ऊपर निर्माण कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि निर्माण के दौरान अतिरिक्त भार पड़ने से पुरानी और कमजोर छत की पटिया अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में चार महिलाएं और कई अन्य बच्चियां भी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सतीश गौड़ अपनी पत्नी पृथ्वी के साथ मंदिर में प्रसाद चढ़ाने पहुंचे थे। उन्होंने प्रसाद देने के लिए कुछ बच्चियों को मंदिर के भीतर बुलाया ही था कि तभी छत की पटिया गिर गई। मलबे में दबने से वैष्णवी सिकरवार, छाया गोस्वामी और करिश्मा गोस्वामी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने मौके पर ही रेस्क्यू शुरू कर दिया। मलबा हटाकर घायलों और शवों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही एसडीएम जौरा शुभम शर्मा, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को कैलारस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
स्थानीय निवासी लालू शर्मा ने बताया कि चामड़ माता मंदिर की स्थापना करीब 150 साल पहले हुई थी। शुरुआत में यह केवल एक चबूतरे के रूप में था। लगभग सात साल पहले ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर दीवारें और पतली पटियाओं के सहारे छत का निर्माण कराया था। हाल ही में पुरानी छत को हटाए बिना ही मंदिर पर गुंबद बनाने का काम शुरू कर दिया गया, जिससे कमजोर पटियाएं भार नहीं झेल सकीं और यह बड़ा हादसा हो गया।
घटना के बाद पूरे अहरौली गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश देते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

