बंगाल चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, लंबित अपील वालों को वोटिंग की अनुमति नहीं

नई दिल्ली/पश्चिम बंगाल, जनमुख न्यूज़। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे सियासी घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विवाद पर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के खिलाफ अपील लंबित है, उन्हें आगामी चुनाव में मतदान की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब तक अपीलों पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक ऐसे लोगों को वोट देने की अनुमति देना कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ होगा। अदालत ने चेतावनी दी कि ऐसा करने से चुनावी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इस फैसले के बाद राज्य में करीब 34 लाख मतदाताओं के मतदान पर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। ये वे लोग हैं, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए थे और जिन्होंने इसके खिलाफ अपील दाखिल की है।याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बंदोपाध्याय ने दलील दी कि अभी सभी मामलों का निपटारा नहीं हुआ है और लोगों को न्याय की उम्मीद है।
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मालदा जिले की घटना पर स्टेटस रिपोर्ट भी पेश की। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल को वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया था। इस पर अदालत ने एजेंसी से पूछा कि गिरफ्तार लोगों का किसी राजनीतिक दल से संबंध है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को चुनावी राजनीति में बड़ा मोड़ माना जा रहा है, जिससे राज्य में राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है।

