योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: व्यावसायिक संपत्ति पर भी स्टांप ड्यूटी में राहत, सेमीकंडक्टर निवेश को प्रोत्साहन, वाराणसी में बनेगा 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

लखनऊ, जनमुख न्यूज़। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय स्टांप ड्यूटी से जुड़ा रहा, जिससे आम लोगों और उद्योग जगत दोनों को बड़ी राहत मिली है।
कैबिनेट ने परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान विलेख पर दी जाने वाली स्टांप ड्यूटी में छूट के दायरे को और विस्तारित करने का फैसला किया है। अब कृषि और आवासीय भूमि के साथ-साथ व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों को भी परिवार के सदस्यों के नाम दान करने पर केवल 5,000 रुपये स्टांप ड्यूटी और 1 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क देना होगा। पहले यह सुविधा केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी। इस निर्णय से पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और कम खर्चीली हो जाएगी।
इसके साथ ही योगी सरकार ने पैतृक संपत्ति के बंटवारे को भी सरल बना दिया है। अब तीन पीढ़ियों से अधिक पारंपरिक वंशजों के बीच पैतृक अचल संपत्ति के विभाजन के लिए मात्र 10,000 रुपये में रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। इसमें 5,000 रुपये स्टांप ड्यूटी और 5,000 रुपये निबंधन शुल्क शामिल होगा। यह व्यवस्था कृषि, आवासीय और वाणिज्यिक सभी प्रकार की पैतृक संपत्तियों पर लागू होगी।
कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर नीति के तहत एक और बड़ा फैसला लिया गया। जनवरी 2024 में लागू सेमीकंडक्टर नीति के अंतर्गत अब 3,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश करने वाली कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि केस-टू-केस आधार पर सेमीकंडक्टर इकाइयों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति, जल शुल्क में रियायत और 10 वर्षों तक प्रति यूनिट दो रुपये बिजली बिल में छूट दी जाएगी। इसका उद्देश्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण का बड़ा केंद्र बनाना और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करना है।
इसके अलावा कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति-2024 की नियमावली को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत इन्वेस्ट यूपी को नोडल एजेंसी बनाया गया है। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि इस नीति से प्रदेश में वैश्विक निवेश, उच्च स्तरीय सेवाओं और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जीसीसी इकाइयां आईटी, अनुसंधान एवं विकास, वित्त, मानव संसाधन, डिजाइन, इंजीनियरिंग और एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करेंगी।
कैबिनेट बैठक में वाराणसी को भी बड़ी सौगात मिली। श्री शिव प्रसाद गुप्ता मंडलीय जिला चिकित्सालय परिसर में बनने वाले 500 बेड के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए 11 जर्जर और अनुपयोगी भवनों को ध्वस्त करने की मंजूरी दी गई। करीब 315 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह अस्पताल चार वर्षों में तैयार होगा। परियोजना में 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। इस अस्पताल के बनने से वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
योगी कैबिनेट के इन फैसलों से एक ओर जहां आम लोगों को संपत्ति संबंधी राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में निवेश, उद्योग और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

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