बजट सत्र की शुरुआत हंगामे से, राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा का विरोध, सदन में 35 मिनट तक शोर

लखनऊ, जनमुख न्यूज़। विधानमंडल के बजट सत्र की सोमवार को शुरुआत भारी हंगामे के साथ हुई। सत्र शुरू होने से पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित किया, लेकिन उनका अभिभाषण समाजवादी पार्टी के विरोध की भेंट चढ़ गया।
राज्यपाल के अभिभाषण की शुरुआत होते ही सपा सदस्य नारे लिखे पोस्टर और राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीरें लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 35 मिनट तक चले अभिभाषण के दौरान सपा विधायक लगातार शोर मचाते रहे, हालांकि राज्यपाल ने बिना रुके अपना भाषण जारी रखा।
राज्यपाल के सदन में प्रवेश से पहले ही सपा सदस्य विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहे थे। सुबह करीब 11 बजे संयुक्त अधिवेशन की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने राज्यपाल से अभिभाषण पढ़ने का अनुरोध किया, लेकिन सपा विधायक संग्राम सिंह अपनी बात रखने पर अड़ गए। अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि सत्र के दौरान सभी को बोलने का मौका मिलेगा, इसके बावजूद सपा सदस्य वेल में आ गए और ‘गवर्नर मैडम गो बैक’ के नारे लगाने लगे।
हंगामे के बीच राज्यपाल ने तंज कसते हुए कहा कि “इतना चिल्लाने से गला बैठ जाएगा।” वहीं भाजपा और सहयोगी दलों के सदस्य राज्य सरकार की उपलब्धियों पर मेज थपथपाकर समर्थन जताते रहे।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 121 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में एक्सीलेंस सेंटर और 251 स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए हैं। इस दौरान सपा के शोरगुल पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि “आपके समय में यह सब जीरो था,” और हाथ से जीरो का संकेत भी किया, जिसके बाद सपा सदस्यों ने तेज हूटिंग शुरू कर दी।
राज्यपाल ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था के चलते उत्तर प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। बीते नौ वर्षों में गृह विभाग के बजट में 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नवंबर 2019 से अब तक 35 माफिया और उनके 94 सहयोगियों को आजीवन कारावास समेत सजा दिलाई गई है। इस दौरान 267 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए, 977 पर रासुका की कार्रवाई हुई और 4137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने बताया कि नौ साल में 999 ट्रैप ऑपरेशन हुए, जिनमें 2081 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कुल मिलाकर बजट सत्र की शुरुआत सरकार बनाम विपक्ष के तीखे टकराव और भारी हंगामे के साथ हुई, जिसने सियासी माहौल को और गरमा दिया।

