केंद्र ने सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द की, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती के बाद लिया गया फैसला

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। केंद्र सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए लिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम लद्दाख में शांति और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इससे पहले वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने उनकी हिरासत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अंतिम सुनवाई के लिए 10 मार्च की तारीख तय की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया था कि क्या वांगचुक के भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट वास्तव में भड़काऊ थे और क्या उनका 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा से कोई सीधा संबंध था।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। इससे दो दिन पहले लेह में लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और 45 से अधिक लोग घायल हुए थे। घायलों में 22 पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
हिंसा के बाद लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर वांगचुक को एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया था, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। बाद में उन्हें जोधपुर की जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी भरोसा कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, ताकि सभी पक्षों के साथ सार्थक और रचनात्मक संवाद आगे बढ़ सके।
सरकार के अनुसार वह लद्दाख के विभिन्न समुदायों, नेताओं और संगठनों से लगातार बातचीत कर रही है, ताकि क्षेत्र के लोगों की चिंताओं और मांगों का समाधान निकाला जा सके। हालांकि मंत्रालय ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में हड़ताल और विरोध प्रदर्शनों से क्षेत्र के शांतिपूर्ण माहौल पर असर पड़ा है। इसका प्रभाव छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों, टूर ऑपरेटरों, पर्यटकों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है।

