चीन के मांझे से वाराणसी में कहर: कई लोग गंभीर रूप से घायल, गले और चेहरे पर गहरे कट

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। जिले में को आसमान में उड़ती पतंगों की डोर में लगे चीन के मांझे ने कहर बरपा रखा है। अलग-अलग इलाकों में हुए हादसों में 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। किसी की गर्दन, किसी की नाक तो किसी के हाथ और बांह पर गहरे कट लगे। कई मामलों में जैकेट और गले में लिपटे मफलर लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुए।बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में सुबह से देर शाम तक छह घायलों को भर्ती कराया गया। इसके अलावा मंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल, राजकीय अस्पतालों और निजी अस्पतालों में भी कई घायलों का उपचार हुआ। सबसे ज्यादा प्रभावित दोपहिया वाहन सवार और फ्लाईओवर से गुजरने वाले लोग रहे।मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के बरेका रोड, ककरमत्ता में बाइक सवार ऋषभ वर्मा (27) का गला चीन के मांझे से कट गया। उन्हें तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गले में सात टांके लगाए गए। दुर्गाकुंड क्षेत्र में उपकेंद्र नगर पार्क के सामने स्कूटी सवार कृति गिरी के बाएं गाल पर मांझे से कट लगा। हेलमेट पहनने के कारण उसका गला और नाक सुरक्षित रहे।सामनेघाट पुल पर बाइक सवार जितेंद्र मौर्य की दोनों पलकों और नाक पर गहरा कट आया। चुरामनपुर निवासी जितेंद्र को रामनगर राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। वहीं रामनगर–पड़ाव क्षेत्र में सैफ (22), अमृता (26) और अमन गुप्ता (28) को भी उपचार के लिए रामनगर राजकीय अस्पताल लाया गया।लालपुर–पांडेयपुर थाना क्षेत्र में बाइक सवार राजेंद्र (52) की गर्दन पर गहरा कट लगने से उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बरेका परिसर में टेलीफोन एक्सचेंज में कार्यरत टेक्नीशियन संतोष त्रिपाठी की गर्दन और ठोड़ी मांझे से कट गई, जिन्हें बरेका केंद्रीय अस्पताल में तत्काल उपचार दिया गया।
घटना के बाद डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल ने शहरवासियों से अपील की है कि आने वाले कुछ दिनों तक दोपहिया वाहन चलाते समय व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें। मानक हेलमेट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें और चीन के मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए गले की सुरक्षा हेतु मफलर, स्कार्फ या अन्य सुरक्षात्मक वस्त्र जरूर पहनें।

