मणिकर्णिका विवाद पर सीएम योगी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले– काशी को बदनाम करने की साजिश, अहिल्याबाई की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। काशी के महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्य और उससे जुड़े विवाद के बीच शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे। हालांकि, वह मणिकर्णिका घाट नहीं गए और सर्किट हाउस में ही मीडिया को संबोधित किया। इससे पहले सीएम योगी ने श्रीकाशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में दर्शन–पूजन किया और फिर सीधे सर्किट हाउस पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने मणिकर्णिका घाट को लेकर उठ रहे विवाद पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के सुंदरीकरण के समय भी इसी तरह का माहौल बनाया गया था। उस वक्त विरोध करने वाले लोग आज उसी कॉरिडोर में जाकर बाबा विश्वनाथ का सुविधाजनक दर्शन कर रहे हैं। मंदिर के विकास से पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिला है, यह बात पूरा देश समझ रहा है, लेकिन कांग्रेस इसे नहीं समझ पा रही।
सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को पूरी तरह संरक्षित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि काशी को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। 3-4 दिनों से झूठी और भ्रामक तस्वीरें वायरल कर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीर्णोद्धार का काम पूरा होने के बाद अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा नए और भव्य स्वरूप में दिखाई देगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मंदिर तोड़े जाने का दुष्प्रचार यहां तक कि AI के जरिए किया गया, जो एक गंभीर अपराध है। कांग्रेस और उसके सहयोगी प्रोजेक्ट को बदनाम करने के लिए लगातार झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि देश की विरासत और जनभावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि औरंगजेब द्वारा तोड़े गए काशी विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का पहला प्रयास रानी अहिल्याबाई होल्कर ने ही किया था, लेकिन कांग्रेस ने कभी उनका सम्मान नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके योगदान को उचित सम्मान दिया। उन्होंने याद दिलाया कि काशी विश्वनाथ धाम निर्माण के दौरान भी टूटी मूर्तियों को एक जगह इकट्ठा कर साजिश के तहत वायरल किया गया था, ताकि झूठा नैरेटिव बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई मंदिर जर्जर हालत में थे, अब उनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है, यही सच्चाई है। उन्होंने अन्नपूर्णा मंदिर की प्रतिमा का उदाहरण देते हुए कहा कि सौ साल पहले वह मूर्ति यूरोप पहुंचा दी गई थी, जिसे पीएम मोदी के प्रयासों से वापस लाया गया। भारत की आस्था का अपमान करने वाली कांग्रेस कभी काशी का सम्मान नहीं कर सकती।
सीएम योगी ने मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोई अपने प्रियजन को सम्मान के साथ अंतिम विदाई न दे सके, यह स्वीकार्य नहीं है। इसके लिए एक विशेष योजना शुरू की गई है, जो सरकारी धन से नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से एक कंपनी के CSR फंड से चलाई जा रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के संभावित घाट निरीक्षण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। सतुआ बाबा आश्रम से मणिकर्णिका घाट तक रेड कार्पेट बिछाया गया, यातायात प्रतिबंध लगाए गए और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बावजूद इसके, सीएम के घाट न पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

