कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक: मनरेगा खत्म करने पर खरगे का हमला, चुनावी रणनीति और SIR पर जताई चिंता

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। शनिवार को नई दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की अहम बैठक हुई, जिसमें मनरेगा की जगह लाए गए नए कानून, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति और मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया।
खरगे ने मनरेगा को समाप्त कर नया कानून लाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि मनरेगा कानून को खत्म कर करोड़ों गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को बेसहारा बना दिया गया है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी और राष्ट्रपति महात्मा गांधी के नाम से जुड़े कानून का अपमान बताया। खरगे ने कहा कि सरकार ने काम के अधिकार पर सुनियोजित हमला किया है और कांग्रेस की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि मनरेगा के मुद्दे पर ठोस रणनीति बनाई जाए और राष्ट्रीय स्तर पर जन आंदोलन चलाया जाए।
मनरेगा की उपलब्धियों को गिनाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस योजना ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल दी। यह दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम बना, जिससे पलायन रुका और गांवों को अकाल, भूख और शोषण से राहत मिली।
मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर खरगे ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत जगजाहिर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि दलितों, आदिवासियों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यक वर्गों के नाम मतदाता सूची से न काटे जाएं।
बैठक में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों और क्रिसमस के दौरान कुछ इलाकों में सौहार्द बिगाड़ने की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। इसके साथ ही मौजूदा राजनीतिक हालात और केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के एक्शन प्लान पर भी चर्चा हुई।
कांग्रेस कार्यसमिति में मनरेगा की जगह लाए गए नए कानून ‘विकासशील भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी राम जी एक्ट के विरोध में रणनीति तय की गई। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि इस कानून के खिलाफ देशभर में आंदोलन और प्रदर्शन किए जाएंगे।
बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों ने भी हिस्सा लिया। अगले वर्ष असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए इन राज्यों की चुनावी रणनीति पर भी मंथन किया गया।

