शहर उत्तरी में SIR को लेकर कांग्रेस का आरोप–मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में चल रहे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं और पक्षपात के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों को लेकर शुक्रवार को महानगर कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी की मौजूदगी में एडीएम सप्लाई से मिला और ज्ञापन सौंपा।
मीडिया से बातचीत में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि शहर उत्तरी विधानसभा के 451 बूथों पर कराए गए SIR के बाद जारी की गई अंतिम मतदाता सूची पर खुद प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल सवाल उठा रहे हैं। यह भाजपा की कथनी और करनी के बीच गहरे अंतर को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है और पूरा प्रशासन उसी के अधीन काम कर रहा है, तो मतदाता सूची में हुई किसी भी तरह की गड़बड़ी की जिम्मेदारी सीधे भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों की बनती है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर लगातार गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कहीं पात्र मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, कहीं वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है और कहीं पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं से घबराकर अब भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
राघवेंद्र चौबे ने मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा ‘वोट जिहाद’ जैसे शब्दों के प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि काशी में हिंदू-मुसलमान का विभाजन करने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। काशी गंगा-जमुनी तहजीब की प्रतीक है, संत कबीर और नजीर की धरती है और यहां नफरत व सांप्रदायिक राजनीति की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि काशी की जनता ऐसे मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी और लोकतंत्र, भाईचारे व संविधान की रक्षा के लिए एकजुट रहेगी।
कांग्रेस महानगर कमेटी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दुरुस्त कराया जाए। किसी भी मतदाता का नाम जाति, धर्म या राजनीतिक कारणों से न काटा जाए और न ही जोड़ा जाए। पूरे पुनरीक्षण कार्य की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, ताकि मताधिकार जैसे संवैधानिक अधिकार के साथ किसी भी तरह का अन्याय न हो।
गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को वाराणसी की शहर उत्तरी सीट से विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने SIR के कामकाज पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि काशी में “वोट जिहाद” चल रहा है और उनकी विधानसभा में करीब एक लाख मतदाता कम हो गए हैं। मंत्री ने दावा किया कि कई 30 से 40 साल की शादीशुदा महिलाएं अब भी पिता के नाम से मतदाता सूची में दर्ज हैं और उनके नाम दो से तीन बूथों पर एक जैसे पते के साथ मौजूद हैं, जो बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
मंत्री रविंद्र जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि SIR शुरू होने के समय शहर उत्तरी विधानसभा में करीब 4 लाख 45 हजार मतदाता थे। पहले चरण में करीब 1 लाख 10 हजार वोट कट गए। 6 जनवरी को जारी फाइनल लिस्ट में से 90 हजार मतदाताओं की जांच करने पर करीब 9200 नाम डमी पाए गए। इस मामले की शिकायत उन्होंने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से भी की है।

