एकदशी पर गंगा घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। काशी के गंगा घाटों पर आज एकादशी के साथ साथ मकर संक्रांति के पावन स्नान को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। तड़के सुबह से ही लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। घाटों पर “हर-हर गंगे” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
ज्योतिषियों के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष 15 जनवरी को मनाया जाना है लेकिन परंपरागत रूप से 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने वाले हजारों लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचे, वहीं एकादशी के चलते भी अनेकों श्रद्धालुओं ने स्नान के दान-पुण्य किया। घाट के पुरोहित अजय तिवारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आज माघ मास पर एकादशी के साथ मकर संक्रांति का विशेष स्नान है, जो 14 जनवरी के पर्व के रूप में भी प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि काशीवासी और बाहर से आए श्रद्धालु इस दिन गंगा स्नान कर अपने जीवन की नई शुरुआत करते हैं और मां गंगा का आशीर्वाद लेते हैं। इसी दिन से पतंगबाजी की परंपरा भी शुरू होती है।
अजय तिवारी ने बताया कि इस वर्ष संयोगवश एकादशी पड़ने के कारण स्नान पर्व का महत्व कुछ कम माना गया है, अन्यथा आज का दिन मकर संक्रांति के रूप में बड़े उत्सव के तौर पर मनाया जाता। मकर संक्रांति पर काशी की माताएं-बहनें गंगा स्नान के बाद ब्राह्मणों को श्रद्धा से बनाए गए खाद्य पदार्थों का दान करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, यश और कीर्ति की कामना करती हैं। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से यश, वैभव और पुण्य की प्राप्ति होती है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिस कांस्टेबलों की तैनाती की गई, वहीं ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी गई, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

