वाराणसी में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 5.73 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम कटे

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। जिले में मंगलवार को चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई। नई सूची में जिले से 5 लाख 73 हजार 203 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। सबसे अधिक नाम कैंट और वाराणसी उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से कटे हैं, जबकि सबसे कम कटौती अजगरा विधानसभा क्षेत्र में हुई है।प्रशासन के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हैं, उनमें अधिकांश या तो दिवंगत हो चुके हैं, कहीं और स्थानांतरित हो गए हैं या फिर डुप्लीकेट अथवा दो स्थानों पर पंजीकृत पाए गए हैं।
28 अक्टूबर को शुरू हुए विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान जिले में कुल 31 लाख 53 हजार 705 मतदाताओं की जांच की गई थी। बीएलओ की रिपोर्ट के आधार पर मतदाताओं की संख्या घटकर 25 लाख 80 हजार 502 रह गई। 6 जनवरी को जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 5.73 लाख नाम सूची से हटाए गए हैं।उप जिला निर्वाचन अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि डुप्लीकेसी, मृत मतदाताओं और दो स्थानों पर दर्ज नामों को हटाया गया है। ड्राफ्ट रोल में वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र से 1,12,384 और वाराणसी उत्तरी से 1,11,457 मतदाताओं के नाम कम हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्राफ्ट सूची में नाम न होने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है।
चुनाव आयोग ने 27 फरवरी तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। जिन मामलों का मिलान 2002 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है, उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। संबंधित मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी पात्रता सिद्ध करने का अवसर दिया जाएगा, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने आर्य महिला इंटर कॉलेज में दीप प्रज्ज्वलित कर मतदाता पंजीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण है और विशेष पुनरीक्षण कार्य में लगे कर्मचारियों को पूरी सतर्कता के साथ दावे, आपत्तियां और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने तहसील सदर स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को विधानसभावार मतदाता सूची का वितरण किया और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी। इस दौरान एडीएम प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी विपिन कुमार, निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नो-मैपिंग वाले मतदाताओं को 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 के बीच नोटिस जारी कर सुनवाई की जाएगी। इस कार्य के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 210 एईआरओ की तैनाती की गई है। उन्होंने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की कि यदि किसी नाम को जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित दावा या आपत्ति हो, तो निर्धारित तिथि तक प्रारूप 6, 6क, 7 या 8 में आवेदन प्रस्तुत करें।

