वाराणसी में करोड़ों की ठगी, दूसरे का मकान अपना बताकर बेचने के आरोप में दंपती समेत तीन पर FIR
वाराणसी, जनमुख न्यूज़। जिले में करोड़ों रुपये की ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चौकाघाट इलाके में दूसरे के मकान को अपना बताकर बेचने और करीब 5.99 करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में जैतपुरा थाने में दंपती समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।जैतपुरा थाना क्षेत्र के काजीसादुल्लापुरा निवासी महताब आलम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मिर्जापुर के महुअरिया पीएसी गेट स्थित बिलकिस विला निवासी इमरान खान और उसकी पत्नी हीना खानम ने चौकाघाट पानी टंकी के पास स्थित एक मकान को अपना बताकर बिक्री का सौदा किया। आरोप है कि दंपती ने खुद को मकान का स्वामी बताते हुए 5 करोड़ 99 लाख 54 हजार 900 रुपये में सौदा तय किया और नगर निगम का पीला कार्ड सहित अन्य दस्तावेज दिखाए।पीड़ित के अनुसार, वह अपने मित्र शमशेर के साथ मकान खरीदने को तैयार हुआ। इमरान खान ने एडवांस के तौर पर एक करोड़ रुपये लिए, जबकि बाकी रकम भी अलग-अलग किश्तों में बैंक खातों के जरिए दी गई। आरोप है कि इमरान के कहने पर दालमंडी निवासी मिर्जा हारून बेग उर्फ विक्की के बैंक खाते में स्टांप शुल्क के नाम पर भी पैसे ट्रांसफर किए गए।पूरा भुगतान लेने के बाद इमरान खान ने मकान की रजिस्ट्री कराने में टालमटोल शुरू कर दी। शक होने पर जब पीड़ित ने जांच कराई तो पता चला कि उक्त मकान 26 दिसंबर 2025 को इमरान अहमद और रजिया बीबी द्वारा इरफान अंसारी, सुफियान अंसारी, कामरान फैसल और ओमान अंसारी को पहले ही बेचा जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि इमरान खान और उसकी पत्नी हीना खानम ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए खुद को मकान का मालिक बताया था।पुलिस के मुताबिक, इमरान खान, हीना खानम और दालमंडी निवासी मिर्जा हारून बेग ने आपसी साठगांठ कर धोखाधड़ी की और करोड़ों रुपये हड़प लिए। जैतपुरा थानाध्यक्ष उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दंपती समेत तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।

