सकट चतुर्थी पर काशी में आस्था का सैलाब, बड़ा गणेश मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। पूरे देश में आज गणेश सकट चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। गणेश मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। इसी क्रम में शिव की नगरी काशी में भगवान शिव के पुत्र गणेश के प्रसिद्ध बड़ा गणेश मंदिर में आस्था का सैलाब देखने को मिल रहा है। सुख-समृद्धि, संतान सुख और विघ्नों से मुक्ति की कामना लेकर महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पूरा क्षेत्र “जय गणेश” के जयकारों से गूंज उठा है।वाराणसी के लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर में सकट चतुर्थी के अवसर पर लाखों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या सर्वाधिक है। माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर गणेश पूजन का विशेष विधान है। यह व्रत संतान की रक्षा, दीर्घायु, पारिवारिक सुख-शांति और मानसिक स्थिरता के लिए किया जाता है। इस दिन महिलाएं विशेष रूप से निर्जला व्रत रखकर भगवान गणेश की आराधना करती हैं और संतान सुख की कामना करती हैं।
सकट चतुर्थी को संकट चौथ, तिलकुटा चतुर्थी और माघी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। जिले भर के छप्पन विनायक और अन्य गणेश मंदिरों में भी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई है। श्रद्धालु लगभग 16 घंटे तक व्रत रखकर चंद्रोदय के बाद पूजा-अर्चना और पारण करते हैं। तिल और गुड़ से बने प्रसाद, दूर्वा और फूल अर्पित कर भगवान गजानन की कृपा प्राप्त करने की कामना की जाती है।

बड़ा गणेश मंदिर के अलावा चिंतामणि गणेश, ढुंढ़ीराज विनायक, दुग्ध विनायक सहित अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का रेला लगा है। बड़ा गणेश मंदिर के महंत राजेश तिवारी ने बताया कि सकट चतुर्थी पर दूर-दराज से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के कपाट भोर में मंगला आरती के बाद खोल दिए गए थे, दोपहर में भोग आरती हुई और रात्रि में कपाट 12 बजे बंद किए जाएंगे। भीड़ को देखते हुए मंदिर मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

