ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के निधन पर यूपी में हाईअलर्ट, पुराने लखनऊ में शोक और विरोध प्रदर्शन

लखनऊ, जनमुख न्यूज़। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के संवेदनशील शहरों में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को हाईअलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आमजन से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से शिया बहुल क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुराने लखनऊ में रविवार को शिया समुदाय के लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मोहल्ला काजमैन, नूरबाड़ी, दरगाह हजरत अब्बास और मुफ्तीगंज समेत विभिन्न इलाकों से लोग जुलूस के रूप में छोटे इमामबाड़ा के सामने एकत्र हुए। वहां से बड़ा इमामबाड़ा (भूलभुलैया) तक जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहनकर और तख्तियां-बैनर लेकर अपने नेता को श्रद्धांजलि दी तथा दोषी देशों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन में बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। मौलाना यासूब अब्बास ने घटना पर नाराजगी जताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता की बात कही और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश के अन्य जिलों—विशेषकर लखनऊ, जौनपुर और अमरोहा—जहां शिया समुदाय की उल्लेखनीय आबादी है, वहां भी प्रशासन को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। साइबर सेल को सक्रिय कर संदिग्ध पोस्ट और भड़काऊ सामग्री पर नजर रखी जा रही है। अफवाह फैलाने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और शांति व सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

