मिडिल ईस्ट संकट का असर: हीलियम सप्लाई घटी तो महंगे हो सकते हैं MRI स्कैन, बढ़ सकती है वेटिंग

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हीलियम गैस की वैश्विक आपूर्ति बाधित होती है, तो MRI Scan महंगे हो सकते हैं, उनकी उपलब्धता घट सकती है और मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Ras Laffan Industrial City स्थित प्लांट पर हमलों के कारण उत्पादन ठप हो गया है, जिससे दुनिया की करीब 30% हीलियम सप्लाई प्रभावित हुई है।भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है—करीब 30% कतर से, जबकि बाकी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से आता है।
एमआरआई मशीनें सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट पर निर्भर करती हैं, जिन्हें काम करने के लिए लगभग -269°C तक ठंडा रखना पड़ता है। यह काम तरल हीलियम से ही संभव होता है।
अगर हीलियम महंगा या दुर्लभ हो गया, तो इसका सीधा असर स्कैन की लागत और उपलब्धता पर पड़ेगा।
एक्सपर्ट के अनुसार “हीलियम आधुनिक डायग्नोस्टिक्स की रीढ़ है, जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन हर MRI स्कैन के लिए यह अनिवार्य है।”
वहीं रेडियोलॉजिस्ट Dr. Harsh Mahajan का कहना है कि अगर सप्लाई प्रभावित होती है, तो या तो स्कैन महंगे होंगे या उनकी उपलब्धता घटेगी।
भारत में 3000 तक MRI मशीनें, मांग लगातार बढ़ रहीदेश में सरकारी और निजी अस्पतालों में करीब 2500–3000 MRI मशीनें हैं, और हर साल 200–300 नई मशीनें जोड़ी जा रही हैं।कैंसर, न्यूरोलॉजिकल और हार्ट से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों के कारण इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अभी तत्काल कोई बड़ा असर नहीं दिख रहा, लेकिन आने वाले हफ्तों में खासकर छोटे अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर असर दिख सकता है।छोटे केंद्रों के सामने दो विकल्प होंगे—या तो लागत बढ़ाएं या सेवाएं सीमित करें।
दवाइयों और मेडिकल सप्लाई पर भी असर
-हीलियम के अलावा, इस संकट का असर दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर भी पड़ रहा है।
-API (दवाओं के मुख्य केमिकल) की कीमत 200–300% तक बढ़ी
-सप्लाई 40–50% तक सीमित
ट्रांसपोर्ट में देरी और लागत में वृद्धि
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल अस्पताल आवश्यक दवाओं और उपकरणों का स्टॉक बढ़ाने की रणनीति अपना रहे हैं, ताकि किसी भी आपूर्ति संकट से निपटा जा सके।
कुल मिलाकर, अगर वैश्विक हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाएं खासकर MRI जैसे जरूरी टेस्ट आम लोगों के लिए महंगे और कम सुलभ हो सकते हैं।

