वाराणसी में उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार: शहर–ग्रामीण इलाकों में बनेंगी चार फ्लैटेड फैक्ट्रियां

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। जिले में नए उद्योगों की स्थापना और सूक्ष्म व लघु उद्यमियों को जमीन की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में चार फ्लैटेड फैक्ट्रियों (बहुमंजिला औद्योगिक परिसरों) के निर्माण की योजना तैयार की गई है।
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उद्योग बंधु की बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने यूपीसीडा और उद्योग विभाग के अधिकारियों को संभावित जमीनों का सर्वे कराने और डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश दिए। वाराणसी के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र चांदपुर में दो फ्लैटेड फैक्ट्रियों का प्रस्ताव है। जिलाधिकारी ने बताया कि उद्योग विभाग के पास यहां पहले से दो भूखंड उपलब्ध हैं। एक भूखंड का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, जबकि उसी क्षेत्र में बेकार पड़ी लगभग 3000 वर्ग मीटर भूमि के लिए नया प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, राजातालाब और पिंडरा क्षेत्र में भी एक-एक फ्लैटेड फैक्टरी के निर्माण के लिए यूपीसीडा को उपयुक्त भूमि का सर्वे करने को कहा गया है। इन औद्योगिक परिसरों के बनने से स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने गांव के नजदीक ही रोजगार और उत्पादन के अवसर मिल सकेंगे।
उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त मोहन कुमार शर्मा ने बताया कि सभी इकाइयां प्लग एंड प्ले सिस्टम पर आधारित होंगी। सरकार उद्यमियों को पूरी तरह तैयार इकाइयां उपलब्ध कराएगी। एक फ्लैटेड फैक्टरी में छह मंजिलों पर कुल 72 इकाइयां विकसित की जाएंगी, जहां बनारसी साड़ी, वस्त्र, लकड़ी के खिलौने, ऑर्गेनिक फूड समेत कई तरह के उत्पादों का निर्माण किया जा सकेगा।
फ्लैटेड फैक्टरी में उद्यमियों को एक ही छत के नीचे पार्किंग, लिफ्ट, बिजली, पानी, सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। यह मॉडल उन शहरों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जहां औद्योगिक भूमि की कमी है और साझा संसाधनों के कारण उद्यमियों की लागत भी कम आती है।

