जैन साध्वी गुरुमति माता का नगर प्रवेश, मैदागिन स्थित दिगंबर जैन मंदिर में किया पूजन अर्चन

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। जैन धर्म के सबसे बड़े संत पूज्य विद्यासागर महाराज के शिष्या श्री 105 अर्जी का गुरुमति माताजी चार दर्जन महिला सन्यासियों के साथ काशी में पहली बार पधारी हैं। आज उन्होंने काशी में नगर प्रवेश किया।
जैन समाज काशी के उपाध्यक्ष राकेश जैन ने बताया कि 47 महिला साध्वी ,30 बहन जी और लगभग 15 ब्रह्मचारी संघ में समूह के साथ सुबह बिहारी लाल दिगंबर जी मंदिर मैदागिन पर पहुंचे, जहाँ पर पूजन दर्शन करने के उपरांत ग्वाल दास साहू लेन स्थित पंचायती दिगंबर जैन मंदिर में दर्शन करते हुए जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर भगवान पारसनाथ की जन्मस्थली पर पूरा संघ पहुंचा। तत्पश्चात दिगंबर जैन धर्म और लंबियों ने बड़े उत्साह के साथ समाज अध्यक्ष आर सी जैन नेतृत्व में संपूर्ण संघ को आहार ग्रहण कराया। इस इस अवसर गुरुमति माताजी ने उपस्थित भक्तों को उपदेश देते हुए कहा कि भक्ति में ही शक्ति है । आप प्रभु से कुछ भी याचना मत करिए प्रभु तो अंतर्यामी है और भगवान का ध्यान करने से पाप स्वयं कट जाते हैं इस अवसर पर गुरुमति माताजी, ब्रह्मचारी विक्की भैया इत्यादि लोग उपस्थित थे। पूरे संघ का स्वागत जैन समाज के संरक्षक विनय कुमार जैन ने किया।
समाज के अध्यक्ष आरसी जैन ने काशी वासियों से संघ का दर्शन करने की अपील की है । इस अवसर पर जैन समाज के उपाध्यक्ष संजय जैन, प्रधानमंत्री प्रदीप जैन, समाज मंत्री विनोद जैन, उपकोषाध्यक्ष विनोद जैन जाली वाले, भूपेंद्र कुमार जैन, रोहित कुमार जैन, कमल जैन, कोषाध्यक्ष सौरभ जैन इत्यादि लोग उपस्थित थे।

