बीएचयू की जूनियर डॉक्टर ने इंसुलिन ओवरडोज लेकर की आत्महत्या की कोशिश, आईसीयू में वेंटिलेटर पर इलाज जारी

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। IMS-BHU के सर्जरी विभाग में तैनात 25 वर्षीय जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. सत्या ने इंसुलिन का ओवरडोज लेकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें BHU सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
डॉक्टरों के अनुसार इंसुलिन की अधिक मात्रा के कारण उनकी किडनी प्रभावित हुई है, जिसके चलते उनकी डायलिसिस भी की गई है। फिलहाल उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
बताया जा रहा है कि मूल रूप से बिहार की रहने वाली डॉ. सत्या सामने घाट इलाके में ट्रामा सेंटर के पीछे किराये के मकान में रहती हैं और सर्जरी विभाग में जूनियर रेजिडेंट के रूप में कार्यरत हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर उन्होंने करीब 100 यूनिट इंसुलिन खुद को इंजेक्ट कर लिया, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
साथियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती कर लिया। फिलहाल उन्हें आईसीयू के बेड नंबर-30 पर रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले उनका एक सीनियर रेजिडेंट से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद से वह मानसिक तनाव में थीं। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है।
प्रोफेसर एस.एन. संखवार, निदेशक IMS BHU ने बताया कि जूनियर डॉक्टर द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने की सूचना मिली है। उन्हें आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि डॉ. सत्या के होश में आने के बाद ही इस कदम के पीछे के सही कारणों का पता चल सकेगा।

